
New Delhi, 23 सितंबर . कांग्रेस नेता उदित राज ने पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी.
ममता बनर्जी द्वारा सीईसी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि वह इसका पूरी तरह समर्थन करते हैं. उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जो अपराध किए हैं, वे अक्षम्य हैं. उन्हें समय आने पर सजा मिलेगी.
मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत बिना वसीयत संपत्ति के बंटवारे के नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर Supreme Court की ओर से नोटिस जारी किए जाने पर उन्होंने कहा कि अभी मामला अदालत के सामने है. याचिका दाखिल हुई है और Supreme Court ने नोटिस दिया है. अब दोनों पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे और अंतिम फैसला आने के बाद ही इस पर अपनी राय रखी जानी चाहिए.
संजय राउत की संसद और सदन में मुद्दे उठाने के साथ-साथ सड़क पर भी आवाज उठाने की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता ने सहमति जताई. उन्होंने कहा कि सड़क खाली रहेगी तो संसद भी कमजोर हो जाएगी. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसानों के मुद्दे पर जब लोग सड़क पर आए, तब Government ने उनकी बातों पर ध्यान दिया.
Prime Minister की ओर से केंद्रीय मंत्रियों के साथ दो दिवसीय चिंतन शिविर किए जाने पर उन्होंने कहा कि मंत्रियों के पास निर्णय लेने की पर्याप्त ताकत नहीं है और महत्वपूर्ण फैसले Prime Minister कार्यालय तथा अधिकारियों के स्तर पर होते हैं. मंत्रियों को गाड़ी, स्टाफ और आवास तो दिए गए हैं, लेकिन फैसले लेने की शक्ति नहीं है. उन्होंने इस चिंतन शिविर को नौटंकी बताया.
रायबरेली से अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा शुरू होने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यात्रा कहीं से भी शुरू की जा सकती है. देश में सामाजिक न्याय की सबसे ज्यादा जरूरत है और बहुजन समाज को कांग्रेस का समर्थन है. उन्होंने अखिलेश यादव की यात्रा की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं भी दीं.
दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन में सुरक्षा को देखते हुए ऑफलाइन क्लास को ऑनलाइन किए जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यह समस्या का समाधान नहीं है. उन्होंने कहा कि डर के कारण लड़कियों को घर में नहीं बैठाया जा सकता. Government और गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था दुरुस्त की जाए.
एसआईआर को लेकर चुनाव आयुक्तों के बीच कथित असहमति पर उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा है कि कुछ लोगों का जमीर जागा है. उन्होंने चुनाव आयोग पर लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में करीब आधे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. उन्होंने इसे विपक्षी मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया बताया.
नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में ईडी की याचिका का विरोध किए जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका विरोध सही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट किसी दबाव में आए बिना निष्पक्ष फैसला करेगा.
सपा सांसद इकरा हसन और कांग्रेस नेता इमरान मसूद के उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस के साथ चलने की बात पर कांग्रेस नेता ने सहमति जताई. उन्होंने कहा कि दोनों दलों को बयानबाजी से बचना चाहिए. जब दोनों पार्टियां साथ लड़ीं तो 42 सीटें आईं, जबकि अलग-अलग लड़ने पर स्थिति अलग रही. राजनीति में कई बार एक और एक मिलकर 11 हो जाता है, इसलिए बयानों से बचना चाहिए.
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/एबीएम
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