
New Delhi, 25 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में चेन्नई दौरे के दौरान मिले युवाओं के अनुभव के साथ महान वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी के बारे में जिक्र किया.
पीएम मोदी ने कहा, “चेन्नई में मेरा पहला अनुभव मेट्रो में युवाओं से संवाद करना था जबकि दूसरा कार्यक्रम आईआईटी मद्रास में था. इस दौरान यह देखना बहुत सुखद रहा कि हमारी युवा शक्ति कैसे समस्याओं के नवोन्मेषी समाधान पर काम कर रही है. मैं जिन स्टार्टअप्स से मिला उनमें से एक गोल्ड की क्वालिटी को परखने पर काम करता है. इससे सोने की खरीदारी में होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सकता है. युवाओं की एक टीएम, एक ऐसे प्लेटफॉर्म पर भी काम कर रही है, जिसके जरिए बैंकधोखाधड़ी से निकाली गई रकम को तेजी से रिकवर किया जा सकेगा. वहीं एक टीएम इस पर भी काम कर रही है कि सर्वाइकल कैंसर की जांच में एआई कैसे मददगार बन सकता है.”
पीएम मोदी ने कहा, “आईआईटी के साथ बातचीत पूरी तरह से डीप-टेक पर केंद्रित थी. इन स्टार्टअप्स को आईआटी मद्रास के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम से मदद मिल रही है. इन्हीं में से एक स्टार्टअप समुद्र के ऊपर उड़ने वाला इलेक्ट्रिक वाहन विकसित कर रहा है. एक अन्य स्टार्टअप ड्रोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए तेजी से चार्ज होने वाली बैटरियां बना रहा है. एक टीम डिफेंस टेक्नॉलाजी में एआई के इस्तेमाल पर काम कर रही है. आज हमारे युवा इतने असाधारण काम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें सही माहौल और मदद मिल रही है. वरना, हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी कभी नहीं रही.”
आज से कुछ ही दिनों बाद 31 अक्टूबर को India के एक ऐसे ही महान वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती है. उन्हें दुनिया “फाइबर ऑप्टिक्स के जनक’ के रूप में जानती है. उनका जन्म पंजाब के मोगा जिले में हुआ था. प्रकाश को महीन फाइबर के माध्यम से आगे पहुंचाने की तकनीक में उनकी एडवांस रिसर्च ने संचार (कम्युनिकेशन) की दुनिया को नई दिशा दी. आज इंटरनेट और डिजिटल कम्युनिकेशन के जिस युग में हम जी रहे हैं, उसकी कल्पना भी फाइबर ऑप्टिक्स के बिना बहुत मुश्किल है. आज इस अवसर पर हम नरिंदर सिंह कपानी को नमन करते हैं. मैं चाहूंगा, हमारे युवा कपानी जैसे वैज्ञानिकों के बारे में पढ़ें, जानें और उनसे प्रेरणा लें.”
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ओपी/पीएम
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