
Mumbai , 28 अगस्त . मनोज जरांगे पाटिल के Mumbai में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. वकील गुणरत्न सदावर्ते ने आजाद मैदान Police थाने में शिकायत देकर Police से जरांगे के आंदोलन को अनुमति नहीं देने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. सदावर्ते ने Mumbai को देश की आर्थिक राजधानी बताते हुए कहा कि किसी भी आंदोलन के नाम पर शहर की व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
सदावर्ते ने आरोप लगाया कि मनोज जरांगे की ओर से पहले भी रेल पटरियां उखाड़ने, एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचाने और Chief Minister आवास को निशाना बनाने जैसी कथित धमकियां दी गई हैं. इस तरह की भाषा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और संबंधित आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. पूर्व में आंदोलनों के दौरान Policeकर्मियों और सरकारी वाहनों समेत अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था. यदि ऐसे मामलों में जरांगे की भूमिका पाई जाती है तो उन्हें आरोपी बनाया जाए और गिरफ्तार किया जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन के लिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
सदावर्ते ने कहा कि जरांगे की ओर से एक पत्र के माध्यम से Mumbai आने की बात कही गई है. किसी भी व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार कभी भी Mumbai आकर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने जरांगे के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की.
गुणरत्न सदावर्ते ने आरोप लगाया कि जरांगे के आंदोलन के पीछे Political हित काम कर रहे हैं. उन्होंने Maharashtra की विपक्षी राजनीति से जुड़े कुछ नेताओं पर भी निशाना साधा और दावा किया कि Chief Minister और मंत्रियों की गैर-मराठा पृष्ठभूमि को लेकर Political माहौल बनाया जा रहा है.
सदावर्ते ने हिंदी बोलने वाले ऑटो और टैक्सी चालकों को लेकर अमित ठाकरे की कथित टिप्पणियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि Mumbai किसी की निजी जागीर नहीं है और भाषा के आधार पर किसी ऑटो या टैक्सी चालक को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के उस रुख का समर्थन किया, जिसमें भाषा के नाम पर किसी को परेशान नहीं करने की बात कही गई है. सदावर्ते ने कहा कि Mumbai में रहने वाले लोगों के साथ कानून के दायरे में समान व्यवहार होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा या दबाव की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ऑटो या टैक्सी चालक के साथ मारपीट होती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
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