
Mumbai , 26 अक्टूबर . मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा सार्वजनिक की गई 32 मिनट की वायरल ऑडियो क्लिप और उसमें किए गए 500 करोड़ के लेनदेन संबंधी आरोपों की जांच के लिए Maharashtra Government ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.
Government की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच, साइबर विश्लेषण तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कर पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी. इसी उद्देश्य से तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है.
जांच के लिए गठित की गई एसआईटी में तीन अधिकारीयों को शामिल किया गया है, जिसमें शैलेश बलकवडे, अपर Police आयुक्त, दक्षिण प्रादेशिक विभाग, Mumbai को अध्यक्ष बनाया गया है. इस जांच कमेटी में विजयकांत सागर (सदस्य) Police उपायुक्त, दक्षिण परिमंडल-3, Mumbai और बजरंग बनसोडे (सदस्य) Police उपायुक्त, साइबर, अपराध शाखा, Mumbai भी शामिल हैं.
Maharashtra की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने एक ऑडियो क्लिप सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि उनके आंदोलन को बदनाम करने और उसे कमजोर करने की साजिश रची जा रही है.
ऑडियो क्लिप के एक हिस्से में यह दावा किया गया कि जरांगे को पहले ही 500 करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं. बातचीत में यह भी कहा गया कि मुख्य व्यक्तिगत निशाना देवेंद्र फडणवीस और भाजपा है. इन दावों के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया और विभिन्न Political दलों के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.
वायरल ऑडियो क्लिप ने Maharashtra की राजनीति में नई बहस छेड़ दी. एक ओर विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा मामले की पारदर्शी जांच की मांग की. वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं का कहना है कि पूरे मामले के पीछे की सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी और कानूनी स्तर पर विस्तृत जांच जरूरी है.
अब एसआईटी की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वायरल ऑडियो क्लिप में किए गए दावे कितने सत्य हैं और इसके पीछे वास्तव में कौन लोग शामिल हैं.
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एएमटी/
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