मध्य प्रदेश में विवाह सहायता योजना में 30 करोड़ से ज्यादा का घोटाला, पूर्व सीईओ गिरफ्तार

Bhopal , 4 सितंबर . Madhya Pradesh में सरकारी योजना के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के Bhopal जोनल ऑफिस ने सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन सीईओ शोभित त्रिपाठी को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तारी के बाद 3 सितंबर को उन्हें Bhopal की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 9 सितंबर तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है. यह कार्रवाई ‘विवाह सहायता योजना’ के तहत सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई है.

ईडी की यह जांच Bhopal की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई First Information Report के आधार पर शुरू हुई थी. ईओडब्ल्यू ने सिरोंज जनपद के तत्कालीन सीईओ शोभित त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

जांच में सामने आया कि Madhya Pradesh Government ने रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए 51,000 रुपए की आर्थिक मदद देने की योजना शुरू की थी. इस योजना का नाम ‘विवाह सहायता योजना’ था. शोभित त्रिपाठी ने 2019 से नवंबर 2021 तक सिरोंज जनपद पंचायत के सीईओ रहते हुए अन्य लोगों के साथ मिलकर इस योजना में भारी गड़बड़ी की.

ईडी के मुताबिक, त्रिपाठी ने संदिग्ध विवाह सहायता मामलों में करीब 30.18 करोड़ रुपए के सरकारी फंड को मंजूरी दी और उसका वितरण कर दिया. इसके लिए जाली और फर्जी आवेदन फॉर्म और लाभार्थियों के नकली दस्तावेज तैयार किए गए.

जांच में यह भी पता चला कि सरकारी पैसा गलत जानकारी के आधार पर खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया. पैसा खाते में आते ही उसे तुरंत कई बार में कैश के रूप में निकाल लिया जाता था. ऐसे कई लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया गया जो इसके पात्र ही नहीं थे.

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह फर्जीवाड़ा कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी जारी रहा, जब सार्वजनिक शादियों पर पूरी तरह से रोक लगी हुई थी. उस दौरान भी शादी के नाम पर सरकारी खजाने से पैसे निकाले गए.

इससे पहले 3 अक्टूबर 2025 को ईडी ने इस मामले में सर्च ऑपरेशन चलाया था. छापेमारी में कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद और जब्त किए गए थे, जिनसे इस पूरे घोटाले का खुलासा हुआ.

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