
Bhopal , 1 सितंबर . Chief Minister मोहन यादव की अध्यक्षता में Madhya Pradesh कैबिनेट ने Tuesday को राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और मजबूती के लिए 41,000 करोड़ रुपए के कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी.
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने बैठक के मुख्य नतीजों के बारे में मीडिया को जानकारी दी.
राकेश सिंह के अनुसार, इन मंजूरियों में ‘विकसित India – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’को लागू करने के लिए 29,619 करोड़ रुपए शामिल हैं. इस योजना को वीबी जीरामजी स्कीम भी कहा जाता है.
उन्होंने बताया कि दूध उत्पादकों के लिए लगभग 2,973 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 1,547 करोड़ रुपए अलग-अलग डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए हैं.
सिंह ने बताया कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में फंड मिलेगा, जिसमें राज्य का हिस्सा लगभग 10,574 करोड़ रुपए होगा. शिकायतों के समाधान के लिए हर जिले में एक लोकपाल भी नियुक्त किया जाएगा.
कैबिनेट ने जन स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में चल रही योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी. राकेश सिंह ने कहा, “विभाग की संपत्तियों के रखरखाव के लिए 915.77 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है जबकि मशीनरी और उपकरणों के रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ को मंजूरी दी गई है.”
आयुष विभाग के तहत नए बने जिलों में पद बनाने को भी मंजूरी दी गई. मंत्री ने बताया कि निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष अधिकारी के कार्यालयों के लिए लगभग 20 पदों को मंजूरी दी गई है. उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) का पुनर्गठन था.
उन्होंने बताया, “आरजीपीवी अभी 585 संस्थानों में 13 कोर्स चलाता है, जिसमें 3.83 लाख से ज्यादा छात्र हैं. पहुंच और भौगोलिक कवरेज को बेहतर बनाने के लिए, Chief Minister के सुझाव पर तीन नई टेक्नोलॉजी और स्किल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की गई है.” ये Bhopal में ‘सेंट्रल इंडिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड स्किल्स’ (जिसमें Bhopal , नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल डिवीन शामिल होंगे); उज्जैन में ‘मालवा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी’ (जिसमें उज्जैन और इंदौर डिवीजन शामिल होंगे) और जबलपुर में ‘महाकौशल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड स्किल्स’ (जिसमें जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल डिवीज़न शामिल होंगे) हैं.
नए बने जिलों – मऊगंज, मैहर, निवाड़ी और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय कार्यालयों के लिए स्टाफ की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई. हर जिले के लिए 15 पद और दो क्लास-IV पद तय किए गए.
किसानों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर, कैबिनेट ने समर्थन मूल्य पर गर्मियों की मूंग की खरीद को उत्पादन के 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का फैसला किया. मंत्री राकेश सिंह ने कहा, “किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि खरीद लक्ष्य के दायरे में ही रहेगी.”
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एएसएच/पीएम
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