
Bhopal , 7 अक्टूबर (आईएएनएल). Madhya Pradesh ने Wednesday को अपने चीता पुनर्वास कार्यक्रम का विस्तार करते हुए इसे तीसरे आवास तक पहुंचाया. Chief Minister मोहन यादव ने सागर के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों (नर ‘व्योम’ और मादा ‘नीरा’) को जंगल में छोड़ा.
यह घटनाक्रम India के चीता संरक्षण कार्यक्रम के लिए बहुत अहम है, क्योंकि इन दो जानवरों को ऐसे रिजर्व में लाया गया है, जहां पहले से ही बाघ मौजूद हैं, जबकि राज्य के कुछ अन्य चीता आवासों में ऐसा नहीं है.
सीएम मोहन यादव ने कहा कि Madhya Pradesh इस प्रजाति को फिर से बसाने के लिए एक उपयुक्त जगह के तौर पर उभरा है, जो एशिया में विलुप्त हो गई थी.
उन्होंने कहा, “एशिया में विलुप्त हो चुकी चीता प्रजाति को Madhya Pradesh में सफलतापूर्वक फिर से बसाना वन्यजीव संरक्षण का एक अहम उदाहरण है.” Chief Minister ने बताया कि India लाए गए शुरुआती आठ चीतों से Madhya Pradesh में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है. उन्होंने इस बढ़ोतरी को बेहतर होते वन्यजीव प्रबंधन और राज्य के विकसित होते इकोसिस्टम का संकेत बताया.
यादव ने कहा कि अगले महीने रिजर्व में दो और चीते लाए जाएंगे. उन्होंने कहा, “शुरुआती आठ चीतों से अब इनकी संख्या बढ़कर 60 हो गई है. यह हमारे मजबूत वन्यजीव प्रबंधन और विकसित होते इकोसिस्टम का सबूत है.”
रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जिसे पहले नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य के नाम से जाना जाता था, Madhya Pradesh में चीतों के लिए तीसरा स्थान है. इससे पहले कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में चीते रखे गए थे.
सीएम यादव ने कहा कि इस रिजर्व की एक खास बात यह है कि जिस इलाके में चीते छोड़े गए हैं, वहां पहले से ही बाघ मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि इस इलाके में लगभग 170 वर्ष पहले चीते देखे गए थे.
उन्होंने कहा, “चीता प्रोजेक्ट न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों के साथ-साथ चीतों के लिए भी उपयुक्त माहौल तैयार किया गया है.”
Chief Minister ने वन्यजीव पर्यटन से होने वाले आर्थिक फायदों में स्थानीय समुदायों को शामिल करने पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य के अभयारण्यों से लगभग 80 करोड़ रुपए की कमाई हुई, जिसमें से 20 करोड़ रुपए संरक्षित क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में बांटे गए.
यादव ने कहा, “यह उनका अधिकार है, क्योंकि वे वर्षों से इन अभयारण्यों के आसपास के गांवों और घरों में रह रहे हैं.” उन्होंने कहा कि राज्य Government टाइगर रिजर्व के बफर जोन में होमस्टे को बढ़ावा दे रही है और इस सुविधा के लिए स्थानीय लोगों को 2-3 लाख रुपए की ग्रांट भी दे रही है.
सीएम यादव ने कहा कि जिन वन क्षेत्रों में खेती की जमीन कम है, वहां पशुपालन को बढ़ावा देकर वन्यजीव संरक्षण से ग्रामीण आजीविका को भी सहारा मिल सकता है.
Chief Minister रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने ‘गिद्ध आबादी आकलन-2026’ रिपोर्ट जारी की और बुंदेली भाषा में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व पर एक किताब का अनावरण किया.
Chief Minister ने Prime Minister Narendra Modi को चुने हुए जन-प्रतिनिधि के तौर पर 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई भी दी और याद दिलाया कि 2022 में उनकी मौजूदगी में ही Madhya Pradesh में चीता प्रोजेक्ट शुरू किया गया था.
यादव ने कहा कि चीता कार्यक्रम के विस्तार से राज्य के इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और साथ ही पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
–
डीके/डीकेपी
Skip to content