
इंदौर, 7 नवंबर Madhya Pradesh में कोरियर सर्विस की डिलीवरी और ट्रेकिंग के नाम पर ठगी की जा रही है. इंदौर Police ने बढ़ती घटनाओं को लेकर आम लोगों को सादर किया है. राज्य की व्यापारिक नगरी इंदौर में पिछले कुछ दिनों में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में बढ़ोतरी आई है. इंदौर Police के मुताबिक साइबर ठग स्वयं को कोरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पार्सल की डिलीवरी या ट्रैकिंग के नाम पर संदिग्ध हाइपरलिंक भेजकर उस पर क्लिक करने या अनजान नंबर पर संपर्क करने के लिए कहते हैं.
इंदौर Police ने आम लोगों को सलाह दी है कि वह किसी भी संदिग्ध हाइपरलिंक पर क्लिक न करें और न ही ऐसे संदिग्ध नंबरों पर कॉल बैक करें. अनजान नंबर से आए कोरियर संबंधी कॉल पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें.पार्सल ट्रैकिंग के लिए कोरियर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें. बताया गया है कि क्राइम ब्रांच इंदौर की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त साइबर ठगी की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही की गई.
इसमें शिकायतकर्ता राजकुमार (परिवर्तित नाम) निवासी इंदौर के साथ फेस्टिव सीजन के दौरान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ऑनलाइन साइबर ठगी की गई थी. आवेदक के साथ एक लाख 29 हजार की धोखाधड़ी हुई थी. शिकायत में क्राइम ब्रांच इंदौर की साइबर फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए Maharashtra के संदिग्ध बैंक खातों में ठगी की राशि फ्रीज कराई गई. इसके पश्चात न्यायालय के आदेश के माध्यम से आवेदक को राशि रिफंड कराई गई.
Police का कहना है कि गूगल पर उपलब्ध नंबरों पर बिना पुष्टि विश्वास न करें. किसी भी व्यक्ति द्वारा स्वयं को बैंक, संस्थान अथवा सरकारी विभाग का अधिकारी बताने पर उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें. अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पिन, पासवर्ड अथवा अन्य निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें. बैंकिंग कार्यवाही, पेंशन अथवा सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए संबंधित विभाग के अधिकृत कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट से ही संपर्क करें.
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एसएनपी/पीएम
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