
Bhopal , 22 सितंबर . Madhya Pradesh Government के कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने कहा कि राज्य 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदेगा. यह फैसला Chief Minister मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है.
Madhya Pradesh कैबिनेट की बैठक Tuesday को हुई, और इस बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री कश्यप ने संवाददाताओं को बताया कि Madhya Pradesh में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विकास और बढ़ती आबादी के साथ विद्युत की मांग भी लगातार बढ़ रही है. राज्य Government इस बढ़ती मांग के अनुरूप पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी दिशा में Madhya Pradesh कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का निर्णय लिया है. इससे प्रदेश की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी और वर्ष 2037 तक की अनुमानित मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी.
राज्य में परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू की जा रही योजना का जिक्र करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि Madhya Pradesh रोडवेज के बंद होने के बाद पिछले 20 वर्षों से यात्री परिवहन व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी. अब इस व्यवस्था को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. 25 सितंबर को Bhopal से ‘Chief Minister सुगम परिवहन योजना’ का शुभारंभ होगा, जिसमें Union Minister नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है. इसी दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी. मार्च तक 1000 बसों को एग्रीमेंट के माध्यम से परिवहन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, जबकि वर्ष 2030-31 तक पूरे प्रदेश में 14,981 बसों का लक्ष्य रखा गया है.
उन्होंने आगे बताया कि योजना के तहत निजी बस ऑपरेटरों की बसों का उपयोग किया जाएगा और इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी. जीपीएस, cctv और ऑनलाइन ट्रैकिंग के माध्यम से यात्री सुरक्षा सुनिश्चित होगी. पीपीपी मॉडल पर सात आधुनिक बस टर्मिनल विकसित किए जाएंगे तथा गांवों और शहरों को रेलवे स्टेशनों से जोड़ते हुए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी. इस योजना में क्या होगा? इसका जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि इस मॉडल में Government स्वयं बसों की खरीदी नहीं करेगी, बल्कि सुविधा उपलब्ध कराने और परिवहन व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी निभाएगी. यह देश में अपनी तरह का एक अभिनव मॉडल होगा.
राज्य की स्कूली शिक्षा में आ रहे सुधार की चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में Madhya Pradesh ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वर्ष 2002-03 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 15 प्रतिशत थी, जो अब घटकर शून्य हो गई है. प्राथमिक शिक्षा में शून्य प्रतिशत ड्रॉपआउट का लक्ष्य हासिल करना प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में Madhya Pradesh की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप के अनुसार, इंदौर से Bhopal और Bhopal से जबलपुर तक ग्रीनफील्ड हाई-वे का निर्माण किया जा रहा है. राज्य Government इन परियोजनाओं को Madhya Pradesh की आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी दिशा में इंदौर से जबलपुर के बीच औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इसके अंतर्गत चार स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. साथ ही, स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी स्किल सिटी विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा.
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एसएनपी/डीकेपी
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