
Bhopal , 16 सितंबर . Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने Wednesday को स्कूल और हायर एजुकेशन में कमियों को लेकर भाजपा Governmentों पर निशाना साधा. उन्होंने बड़े पैमाने पर स्कूल छोड़ने, शिक्षकों की खाली पोस्ट और घटते एनरोलमेंट का हवाला देते हुए कहा कि ये देश के युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों के सबूत हैं.
पटवारी का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के Madhya Pradesh के इंदौर दौरे से तीन दिन पहले आया है. राहुल गांधी 19 सितंबर को पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए इंदौर आने वाले हैं, जो छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है.
यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि देश को अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) का फायदा तब तक नहीं मिल सकता जब तक युवाओं को अच्छी शिक्षा, स्किल और रोजगार न मिले.
उन्होंने एआईएसएचई, यू-डाइस प्लस, इकोनॉमिक सर्वे और नीति आयोग के डेटा का हवाला देते हुए दावा किया कि देश में 10 करोड़ से ज्यादा युवा हायर एजुकेशन से बाहर हैं, लगभग 12 करोड़ बच्चे स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर रहे हैं, और लगभग 8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोजगार या ट्रेनिंग की श्रेणी में नहीं हैं.
उनके पेश किए गए डेटा के अनुसार, पहली क्लास में दाखिला लेने वाले बच्चों में से केवल 47.2 प्रतिशत ही 12वीं क्लास तक पहुंच पाते हैं. पटवारी ने दावा किया कि 2014-15 और 2025-26 के बीच राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी स्कूलों की संख्या में लगभग 1.02 लाख की कमी आई है.
पटवारी ने कहा कि इस दौरान Madhya Pradesh में सरकारी स्कूलों की संख्या में लगभग 30,650 की कमी आई, जबकि राज्य में शिक्षकों की 69,667 पोस्ट खाली थीं.
उन्होंने Madhya Pradesh में ऐसे 2,269 स्कूलों का भी जिक्र किया जहां सिर्फ एक टीचर है और जिनमें लगभग 2.29 लाख बच्चे पढ़ते हैं.
पूरे देश में ऐसे 1,00,843 स्कूलों की जानकारी प्रेजेंटेशन में दी गई. पटवारी ने कहा कि India की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है, लेकिन इसके लिए हर बच्चे को स्कूल मिलना चाहिए, हर युवा को हायर एजुकेशन और स्किल्स मिलनी चाहिए, और युवाओं को रोजगार के मौके मिलने चाहिए.
हायर एजुकेशन के बारे में उन्होंने कहा कि ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो (जीआईआर) लगभग 30 प्रतिशत है, जिसका मतलब है कि लगभग 10.5 करोड़ युवा इससे बाहर हैं.
Madhya Pradesh की 17 सरकारी यूनिवर्सिटीज में, मंजूर किए गए 1,949 पदों में से 1,585 पद खाली बताए गए. पटवारी ने कहा कि जब डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) का फायदा उठाने का मौका तेजी से कम होता जा रहा है, तो Government को शिक्षा, स्किल्स और रोजगार के जरिए इस मौके को हासिल करने की अपनी समय-सीमा वाली रणनीति बतानी चाहिए.
कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर एक व्हाइट पेपर, खाली टीचिंग पदों को भरने और शिक्षा से रोज़गार तक के लिए एक समय-सीमा वाला रोडमैप तैयार करने की मांग की.
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एमएस/
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