
उज्जैन, 1 नवंबर . Madhya Pradesh के उज्जैन में शहर के सबसे पुराने होटल श्रीगंगा में जहरीली गैस की चपेट में आने से चार कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य की हालत गंभीर है. बचाव कार्य के दौरान 3 Policeकर्मी भी घायल हुए हैं. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना Saturday रात को होटल श्रीगंगा में टैंक की सफाई के दौरान हुई. बताया गया कि चेंबर में उतरे 4 कर्मचारियों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि 1 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल है. मृतकों में 2 होटल के कर्मचारी और 2 प्राइवेट सफाईकर्मी शामिल हैं.
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची. रेस्क्यू के दौरान भारी दिक्कत आने पर एडिशनल चैंबर टीन शेड को कटर से काटकर करीब ढाई घंटे तक अभियान चलाया गया, तब जाकर शवों को बाहर निकाला जा सका.
उधर, हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने होटल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की.
एक स्थानीय युवक आसिफ खान ने बताया, “हमें रात को करीब 12 बजे एक कॉल आया था. हमें सूचना दी गई कि उनके मामा टैंक में गिर गए हैं. हमें घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पता चला कि मामा की मृत्यु हो गई. वे होटल में रात को ओवरटाइम पर काम करने के लिए गए थे. उनके चार बच्चे हैं. मामा यहां पर पिछले चार साल से किराए पर रह रहे थे. हमारी मांग है कि परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए.”
एक अन्य युवक ने बताया, “होटल में लापरवाही के साथ कर्मचारियों को काम पर लगाया गया था. कर्मचारियों को यह जानकारी नहीं दी गई थी कि चैंबर कितना बड़ा है. सिर्फ कर्मचारियों को कचरा निकालने के लिए बोला गया था. पैर फिसलने के कारण उनके भाई भी चैंबर में गिर गए और मृत्यु हो गई. हम चाहते हैं कि परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाए और एक करोड़ रुपए का मुआवजा मिले.”
घटना के बाद शहर के महापौर मुकेश टटवाल पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया. महापौर ने कहा कि होटल के वेस्टेज टैंक में सफाई के दौरान हुई यह घटना अत्यंत दुखद है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम को बिना सूचना दिए और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर इस तरह अनाधिकृत रूप से सफाई कराना गंभीर लापरवाही का विषय है.
महापौर टटवाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि मामले की त्वरित जांच की जाए. जिस भी होटल संचालक या व्यापारी ने बिना सुरक्षा इंतजामों के कर्मचारियों को सफाई के लिए बुलाया था, उसके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने प्रशासन को पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और उचित सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.
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डीसीएच/
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