मध्यप्रदेश: इंदौर में अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान पथराव, दो हिरासत में लिए गए

इंदौर, 6 अक्टूबर . Madhya Pradesh के इंदौर में Tuesday को सड़क के अधूरे हिस्से के निर्माण के लिए रास्ता साफ करने के मकसद से चलाए गए अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान Police और नगर निगम की टीम पर कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद दो लोगों को हिरासत में लिया गया.

यह घटना Tuesday सुबह 11 बजे हुई, जब इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन की एक टीम, Policeकर्मियों और अर्थ-मूविंग मशीनों के साथ बिचोली काकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुंची ताकि सड़क के रास्ते में आ रहे ढांचों को हटाया जा सके.

अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कथित तौर पर हटाने वाली टीम और Police पर पत्थर फेंके गए.

Police ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया. दो लोगों को मामूली चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि घटना के सिलसिले में दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया.

एक Police अधिकारी ने कहा कि हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया और Police तथा नगर निगम की टीम पर पत्थर फेंके गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है.

उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और इलाके में और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए Police तैनात की गई है.

उन्होंने कहा कि सड़क के रास्ते के सीमांकन और प्रशासनिक आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है. अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त Police बल तैनात किया गया है.

आरई-2 सड़क 4.25 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी है. सड़क का लगभग 3.20 किलोमीटर हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है जबकि बंगाली स्क्वायर और पिपलियाहाना के बीच लगभग एक किलोमीटर के हिस्से का काम अतिक्रमण और अन्य बाधाओं के कारण करीब तीन वर्षों से रुका हुआ है.

जानकारी के अनुसार, सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों पर अब तक लगभग 55 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं. शेष रास्ते में सात बस्तियां आती हैं. पिपलियाहाना-बिचोली काकड़ क्षेत्र में 325 परिवारों को पहले ही दूसरी जगह बसाया जा चुका है, जिनमें 303 परिवार आवंटित आवास इकाइयों में रह रहे हैं. कोर्ट के स्थगन आदेश के कारण पहले 22 घरों को नहीं हटाया जा सका था.

कोर्ट के फैसले के बाद, प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास आवंटित किए गए हैं और उन्हें 15 दिन का नोटिस दिया गया है. इन घरों के अलावा, 58 अवैध अस्थायी ढांचों को भी हटाया गया है.

Prime Minister आवास योजना के तहत शांति नगर, पंचमुखी हनुमान मंदिर इलाका, स्कंद धाम कॉलोनी और आरटीओ के पास की बस्ती में रहने वाले परिवारों को पहले ही नीलगिरी कॉम्प्लेक्स में बसाया जा चुका है. प्रशासन की योजना है कि शिवनगर के 80 घरों में रहने वाले 117 परिवारों और शिवदर्शन नगर के 55 घरों में रहने वाले 72 परिवारों को भी इसी कॉम्प्लेक्स में बसाया जाएगा.

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डीकेएम/पीएम