मणिशंकर अय्यर के भारत-पाक बयान पर बरसे मंत्री संजय निषाद, बोले- राष्ट्रहित में बातें होनी चाहिए

Lucknow, 5 अक्टूबर . भारत-Pakistan को लेकर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर सियासत तेज हो गई है. यूपी Government में मंत्री संजय निषाद ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. साथ ही उन्होंने एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी, अखिलेश यादव और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी जमकर निशाना साधा और मुस्लिम आरक्षण को लेकर सवाल उठाए.

भारत-Pakistan पर मणिशंकर अय्यर के बयान को लेकर यूपी के मंत्री संजय निषाद ने कहा, “बयान राष्ट्रहित में होना चाहिए. राष्ट्र सर्वोपरि होता है और राष्ट्र के प्रति सबको समर्पित भी होना चाहिए. राष्ट्र के नाम पर सबको कर्तव्यनिष्ठ भी होना चाहिए.”

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी की विपक्ष को लेकर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि मुसलमानों के ठेकेदार हैं ये लोग. ये तो ठेकेदार की गलती है ना कि इतने सालों से हिस्सेदारी क्यों नहीं दिलाए. 1930 में गरीब मुसलमानों को आरक्षण मिला था. 1931 में हमारे निषाद समुदाय के लोग अगुवाई किए थे और जब 1950 में पंडित जवाहर लाल नेहरू आए, तो उन्होंने कहा कि मुसलमानों को पार्टी की क्या जरूरत है. मुसलमानों का आरक्षण छिनवाने वाले ये लोग हैं. कांग्रेस का साथ क्यों दे रहे हैं, जब मुसलमानों का आरक्षण छीना हो.

अखिलेश यादव को लेकर ओवैसी के बयान पर संजय निषाद ने कहा कि मुसलमान भी इस देश का ही नागरिक है. आप उसे बांटने की कोशिश करते हैं वोट के लिए, तो एक भी सीट नहीं मिल सकती है. ऐसा नहीं है कि मुसलमान को खड़ा करके, उन्हें नेतृत्व दिला रहे हैं. इस तरह की राजनीति करके वो मुसलमानों को लोकतंत्र से दूर कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में सीटों को लेकर Samajwadi Party और कांग्रेस के बीच तानातनी पर संजय निषाद ने कहा कि सारे लोग बटोरे जा रहे हैं. दल तो देखते हैं, लेकिन दिल अंदर से दुखते हैं. ये पार्टियां एक-दूसरे की विचारधार के खिलाफ बनी हुई हैं.

उन्होंने आगे कहा कि गोरखपुर कार्यक्रम में यही हुआ कि अगर अखिलेश यादव नहीं मानते तो हमने धरने पर बैठने के लिए आज का दिन निर्धारित किया था. उन्हें साफ शब्दों में कह रहा हूं कि अगर किसी भी जिले में निषादों के साथ कोई घटना घटी, ऐसे लोग जो पूजनीय हो, उनके खिलाफ इस तरह का अपमान ठीक नहीं है. अगर किसी भी दल में इस तरह की घटना घटती है, तो उसके जिम्मेदार पार्टी के अध्यक्ष होते हैं.

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एबीएम