
इंफाल, 13 सितंबर . मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में Sunday को संदिग्ध उग्रवादियों के अलग-अलग हमलों में कुकी समुदाय के चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं.
Police अधिकारियों के अनुसार, तामेंगलोंग जिले के कैमाई थाना क्षेत्र के टोलेन कुकी गांव में हुए हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई.
वहीं, नोनी जिले के नुंगबा थाना क्षेत्र के लोंगपी गांव में एक अन्य हमले में एक महिला सहित दो लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी गई.
टोलेन गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने ल्हिंगंगाई सिंगसित के घर पर हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई. इस हमले में उनके पति सेइनेह सिंगसित और उनका शिशु पुत्र भी घायल हो गए. बाद में सेइनेह सिंगसित की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई. घायल परिवार को इलाज के लिए दक्षिणी असम के सिलचर ले जाया जा रहा था. घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बल गांव पहुंचे और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई.
दूसरी घटना में लोंगपी गांव में हथियारबंद उग्रवादियों ने कथित तौर पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें जूली गंगटे और आर. गंगटे की मौत हो गई.
अधिकारियों के अनुसार, चारों मृतक कुकी जनजातीय समुदाय से संबंधित थे.
Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया. Chief Minister कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस तरह की कायरतापूर्ण हिंसा अस्वीकार्य है और सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है.
Chief Minister ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
कैमाई विलेज अथॉरिटी सहित कई संगठनों, विधायकों और नेताओं ने टोलेन गांव में हुए हमले की निंदा की है. उन्होंने इसे समुदायों के बीच विभाजन और असहजता पैदा करने की सोची-समझी कोशिश बताया. साथ ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की.
पूर्व Chief Minister और भाजपा नेता एन. बीरेन सिंह ने भी इस हमले को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि टोलेन कुकी गांव की यह घटना बेहद हृदयविदारक है और निर्दोष लोगों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस तरह की हिंसा केवल लोगों के दुख को बढ़ाती है तथा शांति बहाली के प्रयासों को कमजोर करती है.
कई कुकी और नागा विधायकों ने भी इन हत्याओं की निंदा की. नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक अवांगबो न्यूमै ने कहा कि निहत्थे पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना कायरतापूर्ण कृत्य है, जिसका सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है.
बता दें कि यह घटना ऐसे दिन हुई, जब मणिपुर में कुकी समुदाय हर वर्ष 13 सितंबर को ‘साहनीत नी’ (ब्लैक डे) मनाता है. यह दिन 1990 के दशक में हुए कुकी-नागा संघर्ष में मारे गए लोगों की याद में मनाया जाता है.
यह ताजा हिंसा ऐसे समय में हुई है, जब मणिपुर में शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं. मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में अब तक 306 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं.
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एएमटी/डीकेपी
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