मणिपुर में गन कल्चर के रहते स्थायी शांति संभव नहीं: सीएम सिंह

इंफाल, 25 अक्टूबर . मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह ने Sunday को कहा कि जब तक राज्य में गन कल्चर बनी रहेगी, तब तक विकास और स्थायी शांति हासिल नहीं की जा सकती. उन्होंने लोगों से हिंसा छोड़ने, अवैध हथियारों को सरेंडर करने और राज्य में शांति एवं सद्भाव बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की.

Chief Minister ने Sunday को कांगपोकपी जिले स्थित साइनाई कैंप का दौरा किया. यह कैंप सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते के तहत उग्रवादी संगठनों के लिए निर्धारित किया गया था. पिछले सप्ताह केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) की कोबरा बटालियन, मणिपुर Police और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान के बाद इस कैंप को हथियारों से मुक्त कराकर सीआरपीएफ ने अपने नियंत्रण में ले लिया था.

यह अभियान कांगपोकपी और इंफाल ईस्ट जिलों के साझा अधिकार क्षेत्र में आने वाले नोंगशुम में तीन निर्दोष लकड़ी बीनने वालों की हालिया हत्या के बाद चलाया गया था. अभियान के दौरान कैंप में एसओओ के तहत पंजीकृत कैडर होने का दावा करने वाले 17 लोग मिले, जो कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे. सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान 24 से अधिक आग्नेयास्त्र, 38 मैगजीन, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक, वायरलेस संचार उपकरण और अन्य युद्ध संबंधी सामग्री बरामद कर जब्त की. इस कैंप में लगभग 150 कैडरों के रहने की व्यवस्था थी.

साइनाई कैंप कुकी नेशनल आर्मी (केएनए) और कुकी लिबरेशन आर्मी (केएलए) के लिए निर्धारित था. ये संगठन अगस्त 2008 में केंद्र Government के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते के दायरे में आते हैं.

साइनाई कैंप का दौरा करने वाले खेमचंद सिंह किसी निर्धारित एसओओ कैंप का दौरा करने वाले पहले Chief Minister हैं. उनके साथ Government के प्रवक्ता और हीरोक विधानसभा क्षेत्र के विधायक थोखचोम राधेश्याम सिंह भी मौजूद थे.

कैंप पहुंचने पर Chief Minister ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया. इस दौरान सीआरपीएफ और असम राइफल्स के अधिकारियों ने उन्हें अभियान तथा क्षेत्र की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी.

वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों और जवानों से बातचीत के दौरान Chief Minister ने कैंप पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने वाले अभियान में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन की सराहना की. उन्होंने कहा कि तलाशी अभियानों के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी भी निर्दोष नागरिक को नुकसान न पहुंचे.

Chief Minister ने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि वे लोगों की जान-माल की रक्षा के लिए तैनात हैं और उन्हें अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन इसी उद्देश्य से करना चाहिए. बाद में Chief Minister ने क्षेत्र के नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और ग्रामीणों से भी बातचीत की.

इस दौरे के दौरान सीआरपीएफ के मणिपुर एवं नगालैंड सेक्टर के महानिरीक्षक होमकर अमोल विनुकांत, मणिपुर Police के आईजी कामेई अंगम रोमानुस, मणिपुर Police के डीआईजी एन. हीरोजीत मीतेई, सीआरपीएफ के डीआईजी राजेश कुमार, असम राइफल्स के कर्नल राधा कृष्णन, कांगपोकपी जिले के उपायुक्त, कांगपोकपी और इंफाल ईस्ट जिलों के Police अधीक्षक तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

इस बीच, अगस्त 2008 से India Government के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस व्यवस्था के तहत दो समूहों के अंतर्गत आने वाले कुल 23 भूमिगत संगठनों को शामिल किया गया है. इनमें यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) के आठ और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) के 15 संगठन शामिल हैं.

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डीएससी