
इंफाल, 10 अक्टूबर . मणिपुर के कामजोंग जिले में कुकी और नागा समूहों के बीच Friday रात ताजा झड़पों में एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि कई घरों में आग लगाए जाने की सूचना है. घटना के बाद प्रशासन ने हिंसा पर काबू पाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है. अधिकारियों ने Saturday को यह जानकारी दी.
Police के अनुसार, घटना Friday रात नागा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चस्साद गांव में हुई. मृत महिला की पहचान डोमखोनेई तौथांग के रूप में हुई है. वह पांच बच्चों की मां थीं. गोली उनके गले के पास लगी और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई.
सूत्रों के मुताबिक, Friday देर शाम सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों पर संदिग्ध कुकी सशस्त्र समूहों की ओर से गोलीबारी किए जाने के बाद टकराव शुरू हुआ. सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई. यह गोलीबारी Saturday सुबह तक जारी रही.
झड़पों में दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की खबर है. वहीं, चार घरों को भी आग के हवाले किए जाने की सूचना मिली है. हालांकि, हताहतों की संख्या और घायलों की स्थिति के बारे में अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
घटना के बाद कामजोंग जिला प्रशासन ने चस्साद Police गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी. जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है.
इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, आग्नेयास्त्रों और अन्य संभावित खतरनाक वस्तुओं को लेकर चलने तथा प्रतिबंधित क्षेत्र में आवाजाही पर रोक लगाई गई है. हालांकि, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों, मजिस्ट्रेटों और आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है. जिला मजिस्ट्रेट या कामजोंग के Police अधीक्षक से विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को भी छूट मिलेगी.
कुकी संगठनों के अनुसार, चस्साद गांव के स्वयंसेवकों की कथित गिरफ्तारी और हिरासत के विरोध में महिलाओं का एक समूह प्रदर्शन कर रहा था. कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम (केएचआरएफ) ने दावा किया कि इसी प्रदर्शन के दौरान तौथांग को गोली लगी और Friday रात उनकी मौत हो गई.
इस बीच, 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात अज्ञात उपद्रवियों द्वारा तांगखुल नागा ग्रामीणों के घरों में आग लगाए जाने की भी खबर है. दोनों पक्षों के लोगों के घायल होने की सूचना मिली है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम, कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन और कुकी सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन वर्किंग कमेटी, उखरुल सहित कई कुकी जनजातीय संगठनों ने महिला की हत्या की निंदा की है. संगठनों ने घटना के लिए जिम्मेदार सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
मणिपुर में ताजा हिंसा ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है. राज्य लंबे समय से जातीय तनाव और हिंसा की घटनाओं का सामना कर रहा है.
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डीएससी
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