मणिपुर: मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए

इम्फाल, 17 सितंबर . Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में Thursday को कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई. इसमें अशांत मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने पर चर्चा की गई.

यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि हाल ही में मणिपुर के जिरीबाम, तामेंगलोंग, कांगपोकपी और नोनी जिलों में हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें छह महिलाओं और 10 लोगों की जान चली गई. मारे गए ज्यादातर लोग कुकी-जो आदिवासी समुदाय से थे.

इस महीने की शुरुआत में चुराचांदपुर जिले में एक ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के कम से कम दो उग्रवादी मारे गए और दो अन्य घायल हो गए.

Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि Chief Minister ने राज्य में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए सुरक्षा समन्वय बैठक की अध्यक्षता की. इंफाल में Chief Minister सचिवालय के कैबिनेट हॉल में हुई इस बैठक में नए संवेदनशील इलाकों की पहचानने और लोगों के व्यापक हित में ज़रूरत पड़ने पर उन इलाकों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

सीएमओ अधिकारी ने कहा, “काम का मौसम आने वाला है, इसलिए नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों और ठेकेदारों ने अगले छह महीनों में अपना काम तेज करने की तैयारी कर ली है. Government को उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे के विकास में काफी सुधार देखने को मिलेगा.”

Chief Minister खेमचंद सिंह ने बैठक में जोर दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो Government काम में तेजी लाने के लिए हर जरूरी सुरक्षा सहायता देगी. अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि बुनियादी ढांचे के विकास का चल रहा काम बाधित न हो और पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए.

बैठक में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, Police महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह और गृह आयुक्त एन. अशोक कुमार शामिल हुए.

बैठक में असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा, असम राइफल्स (पूर्व) के महानिरीक्षक मेजर जनरल इंद्रजीत सिंह भिंडर, केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) के महानिरीक्षक होमकर अमोल विनुकंत और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. इस बीच, कुकी-ज़ो काउंसिल (केजेडसी) समेत कुकी-ज़ो समुदाय के कई संगठनों ने हाल की घटनाओं के लिए नागा समूहों एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ-के को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि ये घटनाएं जिरीबाम, तामेंगलोंग और नोनी जिलों में कुकी नागरिकों पर हुए हमलों और हत्याओं के सिलसिले के दौरान हुईं.

एससीएच