
New Delhi, 23 सितंबर . दिल्ली के शालीमार बाग में मस्जिद के अवैध विस्तार पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दिल्ली Government और प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है.
उदित राज ने से बात करते हुए कहा, “दिल्ली में अवैध निर्माण लगातार हो रहा है, यह एक आम बात है. अभी भी हजारों अवैध निर्माण हो रहे होंगे, जो Police और कॉरपोरेशन की मिलीभगत से होते हैं. कोई इसे रोक नहीं सकता. लेकिन प्रशासन यह चुन सकता है कि किसे रोकना है और किसे नहीं.”
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “यहां अहम बात यह है कि चूंकि यह एक मस्जिद है और मुसलमानों की है, इसलिए इसे रोक दिया गया. अगर यह मंदिर होता तो इसे नहीं रोका जाता. इसे रोकने वाला कोई नहीं होता, वे कहते कि यह आस्था का मामला है. तब यह आस्था का मामला बन जाता है और कोई इसे नहीं रोकता. कानून की नजर में सभी बराबर होने चाहिए, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं है.”
बिहार के जमुई में हुए छेड़छाड़ मामले को लेकर बिहार Government पर हमला बोलते हुए उदित राज ने कहा, “सम्राट चौधरी ने कहा था कि अगर कोई खेत में काम करके रात 12 बजे भी सुरक्षित घर नहीं लौट पाता है, तो वे इस्तीफा दे देंगे. अब जब तेजस्वी यादव उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो सम्राट चौधरी को अपना वादा निभाते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए.”
कांग्रेस नेता ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है. यह कोई अकेली घटना नहीं है. जब मैं कुछ दिन पहले वहां गया था तो कई घटनाएं हुई थीं, लेकिन वे मीडिया की सुर्खियों में तभी आती हैं जब विपक्ष की Government सत्ता में होती है. चूंकि अब भाजपा की Government है, इसलिए मीडिया इसे अपने पहले पन्ने पर ‘जंगल राज’ नहीं बल्कि ‘मंगल राज’ कहता है.”
दिल्ली में हाल ही में हुए रेप केस और उपGovernor द्वारा ‘पिंक फोर्स’ के जरिए महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश पर भी उदित राज ने केंद्र Government को घेरा. उन्होंने कहा, “देश की राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह हैं. खरीद-फरोख्त करना, पार्टी के अंदर किस तरह से समीकरण बनाना, यही उनकी प्राथमिकता रहती है, लॉ एंड ऑर्डर उनकी प्राथमिकता नहीं है. दिल्ली में जितना क्राइम है, उतना अन्य राज्यों में नहीं है, लेकिन मैं देखकर हैरान हो जाता हूं कि प्रमुख मीडिया कभी इनसे लॉ एंड ऑर्डर का सवाल नहीं पुछती. हर हफ्ते, पंद्रह दिन में तीन-चार बार इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं.”
Supreme Court द्वारा दिल्ली में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के दौरान मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस पर सवाल उठाए जाने को लेकर उदित राज ने कहा कि कोर्ट भी चुनाव आयोग को बचा रहा है.
उन्होंने कहा, “जब बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी, तो कोर्ट चुनाव आयोग के साथ ही खड़ा हुआ था. हर बार कोर्ट चुनाव आयोग के साथ खड़ा होता है. बंगाल में 27 लाख वोटर्स को डिलीट करके चुनाव कराया गया, बाद में जब ट्रिब्यूनल ने वेरिफिकेशन शुरू किया तो करीब एक लाख वोटों में 92-93 प्रतिशत लोग सही पाए गए. अर्थात इतने लोग वोट देने से वंचित रह गए.”
अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया, “मुझे भी नोटिस आया है कि मेरा नाम मिसमैच हो रहा है. मैं कब से वोट दे रहा हूं, बचपन से ही दिल्ली में आ गया था और दिल्ली का निवासी हूं, उसके बाद भी मेरे नाम में स्पेलिंग मिस्टेक या मिसमैच दिखाया जा रहा है. एसआईआर का मकसद यही है कि भाजपा के वोटर को सेलेक्ट करना और बाकी वोटर्स को वोटर लिस्ट से उड़ा देना.”
कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा वंदे मातरम मामले में अंतरिम स्टे देने से इनकार करने और राज्य Government द्वारा केवल दो अंतरे पढ़े जाने की बात पर उदित राज ने अपनी पार्टी का पक्ष रखा.
उन्होंने कहा, “यह अदालती मामला नहीं है. हमारी पार्टी ने फैसला किया है कि हम दो अंतरे ही गाएंगे, क्योंकि हमारे देश को आजाद कराने वाले जो नेता थे, उन्होंने यह तय किया था. हम अपनी आजादी की विरासत के साथ खड़े रहेंगे.”
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पीआईएम/एएस
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