
भुवनेश्वर, 27 अक्टूबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Tuesday को भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अब शासन आइवरी टावर (यानी आम लोगों से दूर, ऊंचे महलों) से नहीं चलाया जा रहा है, बल्कि Government खुद लोगों के पास पहुंच रही है और जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं को सुन रही है.
लोक सेवा भवन के कन्वेंशन सेंटर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन चरण माझी ने कहा, “हमारी Government का जन शिकायत निवारण कार्यक्रम जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार को रोकने की एक महत्वपूर्ण पहल है. इस कार्यक्रम के माध्यम से लोग सामने आने वाले भ्रष्टाचार की जानकारी मंत्रियों और Chief Minister तक पहुंचाते हैं और उसके अनुसार कार्रवाई की जाती है.”
इस अवसर पर, Chief Minister ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों को ईमानदारी की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा, “सतर्कता विभाग सुशासन की आंख और कान है. सुशासन केवल नीतियां और योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असली अर्थ भ्रष्टाचार को पूरी तरह से रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन सही लाभार्थियों तक पूरी तरह से पहुंचे.”
उन्होंने कहा कि राज्य Government ‘Odisha विजिलेंस’ को और अधिक कुशल और मजबूत बनाने के लिए व्यापक कदम उठा रही है.
Prime Minister Narendra Modi को जेएएम (जन धन, आधार, मोबाइल) प्रणाली के लिए धन्यवाद देते हुए माझी ने कहा कि पीएम मोदी ने जमीनी स्तर से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया है.
इस प्रणाली ने सरकारी धन के गलत इस्तेमाल और लीकेज को पूरी तरह से रोक दिया है और यह गरीबों के लिए एक वरदान है.
Chief Minister ने बताया, “हमारी Government ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए तीन रणनीतियां अपनाई हैं. इनमें भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति; अधिकारी के पद या कार्यकाल की परवाह किए बिना खुफिया जानकारी के आधार पर कानूनी कार्रवाई करना और भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए अधिकारियों को सजा दिलाना शामिल हैं.
उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सतर्कता विभाग इन रणनीतियों को निडरता और पेशेवर तरीके से लागू कर रहा है.
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में Odisha विजिलेंस ने कई अन्य अधिकारियों के अलावा एक आईएएस अधिकारी, मुख्य अभियंता रैंक के आठ अधिकारियों, दो प्रभागीय वन अधिकारियों (डीएफओ), आबकारी और राज्य परिवहन प्राधिकरण के संयुक्त आयुक्तों, खान विभाग के तीन उप-निदेशकों, पांच तहसीलदारों और चार ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) के खिलाफ कार्रवाई की है.
भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद 41 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान 91 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन रोक दी गई है. माझी ने बताया कि 2025 में Odisha विजिलेंस की दोषसिद्धि दर (कनविक्शन रेट) 50 प्रतिशत थी, जो इस साल सितंबर तक बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है.
Chief Minister ने यह भी कहा कि राज्य Government ने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए Odisha आईटी नीति को मंजूरी दी है. भ्रष्टाचार की आशंका वाले क्षेत्रों और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए Odisha विजिलेंस के भीतर एक प्रिवेंटिव विजिलेंस रिसर्च विंग (निवारक सतर्कता अनुसंधान शाखा) बनाई जा रही है.
इस साल की थीम समृद्धि के लिए ईमानदारी का जिक्र करते हुए मोहन चरण माझी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मजबूत नैतिक मूल्य, पारदर्शिता और ईमानदारी बहुत जरूरी हैं.
उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से ईमानदारी और समर्पण दिखाने का आग्रह किया और सभी से ईमानदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की.
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एससीएच/
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