भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पत्रकार पर हमले की हो जांच : एमपी कांग्रेस

Bhopal , 27 अक्टूबर . Madhya Pradesh कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने Police मुख्यालय पहुंचकर Police कमिश्नर से मुलाकात की और कथित तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ता तथा पत्रकार पर हमले का आरोप लगाया है. साथ ही, इस मामले की जांच की मांग की है.

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर हमला किए जाने की घटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा प्रहार है. कांग्रेस कार्यालय में घुसकर या कार्यालय को निशाना बनाकर हिंसा करना Political असहमति व्यक्त करने का लोकतांत्रिक तरीका नहीं हो सकता. इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि हमले का सामना कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ही Police द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के आरोप सामने आए हैं. कांग्रेस ने Police की इस कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

Madhya Pradesh कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि Monday की घटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं. इस हिंसा में वरिष्ठ पत्रकार भी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. यह घटना केवल Political कार्यकर्ताओं पर हमला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक वातावरण और स्वतंत्र पत्रकारिता की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल भी है. उन्होंने कहा कि यदि Political दलों के कार्यालय सुरक्षित नहीं हैं, कार्यकर्ता सुरक्षित नहीं हैं और घटनाओं की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार भी हिंसा का शिकार हो रहे हैं, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

उन्होंने कहा कि Police का दायित्व पीड़ितों की सुरक्षा करना और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है, न कि पीड़ित पक्ष पर ही बल प्रयोग करना. नायक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाता है, हमलों और हिंसा से नहीं. Political मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन विरोधी दल के कार्यालय को निशाना बनाना और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है.

उन्होंने कहा कि भाजपा यदि अपनी विचारधारा और नीतियों को लेकर आश्वस्त है, तो उसे Political बहस और वैचारिक संवाद के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए. हिंसा के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए घातक है. ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो Political कार्यकर्ताओं के बीच तनाव और बढ़ सकता है तथा कोई गंभीर अप्रिय घटना भी घट सकती है.

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने Police कमिश्नर के समक्ष मांग रखी कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए, हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और घायल पत्रकार के मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि घटना के दौरान Police की भूमिका की जांच हो और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा पक्षपातपूर्ण अथवा अनुचित कार्रवाई की गई है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाए. कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी Police की है और Political दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष कार्रवाई करना Police और प्रशासन का दायित्व है.

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एसएनपी/पीएम