
गुवाहाटी, 30 अक्टूबर . पड़ोसी देश भूटान में ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (जीएलओएफ) की खबर के बाद, असम के धुबरी जिले में नदी के किनारे रहने वाले लोगों के बीच डर और चिंता फैल गई है. इससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि नदी के निचले इलाकों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है.
Friday को पत्रकारों से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने अपनी गहरी चिंता जताई. स्थिति का जायजा लेने के लिए कई लोग नदी के किनारे इकट्ठा हो गए थे.
सुरेंद्रपुर और खोक्सागुरी जैसे नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को डर है कि रात के समय पानी का स्तर अचानक बढ़ने से उनके घर और खेत डूब सकते हैं, जिससे उन्हें संभलने का बहुत कम समय मिलेगा.
यह चिंता Thursday शाम भूटान के गासा जिले में स्थित शिंताफू झील के फटने (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट – जीएलओएफ) की खबरों के बाद पैदा हुई है.
पानी के अचानक बहाव से पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई. बाढ़ का पानी ‘मो छू’ नदी से होते हुए नीचे की ओर ‘संकोश’ नदी की तरफ बढ़ रहा है, जो असम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है.
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने Thursday को एक विशेष एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी कि असम के धुबरी जिले और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में जल स्तर अचानक बढ़ सकता है.
उम्मीद जताई गई थी कि बाढ़ का पानी 6 से 8 घंटों के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंच जाएगा. इस बीच असम Government ने खासकर धुबरी और कोकराझार जिलों के संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है.
Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य Government धुबरी और कोकराझार के संवेदनशील इलाकों में भूटान की इस घटना के संभावित असर पर कड़ी नजर रख रही है.
Chief Minister कार्यालय ने बताया कि धुबरी जिला प्रशासन मौके पर मौजूद है और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक प्रवक्ता ने बताया कि Friday सुबह 6:30 बजे तक संकोश नदी का जल स्तर स्थिर था. जिला प्रशासन और आपदा राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है.
अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है, जबकि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
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एससीएच/
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