
थिंपू, 17 सितंबर . India के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने Thursday को भूटान के Prime Minister त्शेरिंग तोगबे से मुलाकात की. इस दौरान New Delhi की ओर से भूटान को 54 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन सौंपे.
बैठक के दौरान जयशंकर ने तोबगे को पीएम मोदी की शुभकामनाएं प्रेषित कीं और भूटान की तरक्की और खुशहाली को लेकर India की प्रतिबद्धता जाहिर की.
बैठक के बाद विदेश मंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज थिंपू में भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे से मिलकर खुशी हुई. पीएम Narendra Modi की ओर से शुभकामनाएं दीं. दोस्ती और सहयोग के हमारे खास रिश्तों के लिए उनकी भावनाओं की मैं बहुत कद्र करता हूं. भूटान की तरक्की और खुशहाली के लिए India पूरी तरह प्रतिबद्ध है.”
भूटान को ‘मेड इन इंडिया’ 54 इलेक्ट्रिक वाहन सौंपते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि India ई-मोबिलिटी और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की दिशा में भूटान की प्रगति में सहयोग कर रहा है.
विदेश मंत्री ने कहा, “पीएम शेरिंग तोबगे को ‘मेड इन इंडिया’ 54 इलेक्ट्रिक वाहन सौंपकर खुशी हुई. India ई-मोबिलिटी और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की दिशा में भूटान की प्रगति में सहयोग कर रहा है.”
इससे पहले दिन में, जब विदेश मंत्री जयशंकर बुमथांग से थिंपू पहुंचे, तो भूटान के वित्त मंत्री लियोनपो लेकी दोरजी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
Wednesday को विदेश मंत्री जयशंकर ने भूटान के सबसे पवित्र और अहम स्थलों में से एक, कुर्जे लखांग में पूजा-अर्चना की थी.
इसका जिक्र करते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा, “पवित्र कुर्जे लखांग में नमन किया. हमारे लोगों और भारत-भूटान संबंधों की बेहतरी के लिए प्रार्थना की.”
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने भूटानी समकक्ष लियोनपो डी एन धुंग्येल के साथ बुमथांग में नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया. यशंकर ने भूटान में डेयरी कैटल ब्रीडिंग प्रोग्राम के लिए India से 43 प्योरलाइन जर्सी गाय भी सौंपीं, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सके और स्थानीय किसानों की मदद की जा सके.
दोनों ने बुमथांग में ऐतिहासिक वांगडुचोलिंग पैलेस और म्यूजियम का दौरा भी किया था. इसके अलावा एस जयशंकर और धुंग्येल ने भूटान के गासा में 500 किलोवाट के लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी. उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे ऊर्जा सहयोग के लिए एक “गौरवशाली मील का पत्थर” बताया. यह सहयोग 1967 में थिंपू में भूटान के पहले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट ‘जुंगशिना’ से शुरू हुआ था और अब भूटान की आखिरी बिना बिजली वाली बस्तियों तक पहुंच रहा है.
दोनों मंत्रियों ने मोंगर में 65 बिस्तरों वाले ग्यालत्सुएन जेटसुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का भी उद्घाटन किया. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह स्वास्थ्य केंद्र पूर्वी भूटान में अच्छी क्वालिटी वाले, खास तौर पर मां और बच्चे की देखभाल में सहायक सिद्ध होगा.
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केआर/
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