
New Delhi, 27 अक्टूबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड्स की कंपनियों को India में निवेश, सह-विनिर्माण (को-मैन्युफैक्चरिंग) और नवाचार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया है. उन्होंने Tuesday को कहा कि India की तेज आर्थिक वृद्धि, सुधारों की गति और तेजी से विकसित हो रहा विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र डच कंपनियों के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करता है.
नीदरलैंड्स में आयोजित बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल के दौरान गोयल ने कई प्रमुख कंपनियों के मुख्य अधिकारियों और उद्योग नेताओं के साथ चर्चा की. इस दौरान उन्होंने India की विकास यात्रा, निवेश संभावनाओं और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर प्रकाश डाला.
गोयल ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए नेक्सपेरिया के अंतरिम सीईओ स्टीफन टिल्गर से मुलाकात की.
उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, “India की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता और विस्तार करते तकनीकी इकोसिस्टम के कारण वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं.”
इसके साथ ही Union Minister ने इंग्का ग्रुप (आईकेईए) के सीईओ और अध्यक्ष जुवेंसियो माएज्तु के साथ भी बैठक की. इस दौरान India के बढ़ते उपभोक्ता बाजार और देश की मजबूत विनिर्माण क्षमताओं पर चर्चा हुई. गोयल ने कहा कि आईकेईए India को अपने वैश्विक सोर्सिंग नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित कर सकता है. दोनों पक्षों ने कंपनी की India में मौजूदगी और निवेश को और विस्तार देने की संभावनाओं पर भी विचार किया.
इसके अलावा, गोयल ने पावर2एक्स के संस्थापक एवं सीईओ ओको रूएलोफसेन के साथ ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड्स सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास के साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं.
सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर गोयल की एक महत्वपूर्ण बैठक एएसएमएल के कार्यकारी उपाध्यक्ष और बोर्ड सदस्य वेन एलन के साथ भी हुई. उन्होंने India में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एएसएमएल की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया.
गोयल ने कहा कि India में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए मजबूत नीतिगत समर्थन, बढ़ते निवेश और कुशल प्रतिभा का विस्तार हो रहा है. ऐसे में अत्याधुनिक चिप तकनीकों, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जो India को वैश्विक चिप वैल्यू चेन में और मजबूत स्थान दिला सकती हैं.
Union Minister पीयूष गोयल ने इंडिया-नीदरलैंड्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया, जहां उनके साथ नीदरलैंड्स के विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्स्मा भी मौजूद थे. अपने संबोधन में गोयल ने कहा कि सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, समुद्री सहयोग, जल प्रबंधन और लचीले बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी की असीम संभावनाएं हैं.
उन्होंने कहा कि India का विशाल बाजार, युवा प्रतिभा और तेज आर्थिक विस्तार, तथा नीदरलैंड्स की तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार क्षमता मिलकर दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है.
गोयल ने डच निवेशकों और कंपनियों से India में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और साझा विकास एवं समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का आह्वान किया.
–
डीबीपी
Skip to content