भारत में ट्रेनिंग पाने वाले मालदीवी पेशेवर दोनों देशों के रिश्तों के सच्चे राजदूत: भारतीय उच्चायुक्त

माले, 30 अक्टूबर . मालदीव में India के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यम ने India के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मालदीवी पेशेवरों की सराहना करते हुए उन्हें दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने वाले ‘सच्चे राजदूत’ बताया.

उच्चायुक्त बालासुब्रमण्यम की ओर से यह संदेश मालदीव में India के उप उच्चायुक्त कुमार गौरव ने आईटीईसी (इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित आधिकारिक समारोह में पढ़कर सुनाया.

इस कार्यक्रम में मालदीव के उच्च शिक्षा, श्रम और कौशल विकास मंत्री इस्माइल शफीउ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

मालदीव स्थित भारतीय उच्चायोग ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की झलकियां साझा करते हुए कहा, “मालदीव में भारतीय उच्चायोग ने आईटीईसी दिवस 2026 मनाया, जिसमें आईटीईसी पूर्व छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की. मंत्री डॉ. इस्माइल शफीउ मुख्य अतिथि रहे. वर्ष 1964 से आईटीईसी कार्यक्रम के तहत हर साल 600 छात्रवृत्तियों के माध्यम से मालदीवी प्रतिभाओं को कौशल विकास का अवसर दिया जा रहा है.”

कार्यक्रम में बालासुब्रमण्यम का संदेश पढ़ते हुए कुमार गौरव ने कहा, “हम आधिकारिक रूप से राजनयिक हैं, लेकिन मेरा मानना है कि आप ही हमारे सच्चे राजदूत हैं, जो लोगों के बीच संबंधों को मजबूत कर रहे हैं और दोनों Governmentों को और करीब ला रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि आईटीईसी कार्यक्रम का वास्तविक प्रभाव केवल दिए गए प्रमाणपत्रों से नहीं मापा जाता, बल्कि इससे प्रशिक्षित लोग India से लौटने के बाद अपने संस्थानों और समुदायों में जो योगदान देते हैं, उससे इसकी सफलता का पता चलता है.

उन्होंने बताया कि India की प्रशिक्षण पहलें किसी एक तय ढांचे के आधार पर नहीं चलतीं, बल्कि मालदीव की विकास संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और विजन महासागर के तहत संचालित की जाती हैं.

कुमार गौरव ने कहा कि पिछले छह से सात वर्षों में 4,200 से अधिक मालदीवी पेशेवरों ने India में विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है.

इनमें India के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) और मालदीव सिविल सेवा आयोग के बीच समझौते के तहत 1,269 सिविल सेवकों को प्रशिक्षण दिया गया.

मालदीव लोकल गवर्नमेंट अथॉरिटी (एलजीए) और India के राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) के बीच समझौते के तहत 334 स्थानीय परिषद और सरकारी अधिकारियों को प्रशिक्षण मिला.

India के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और मालदीव कस्टम्स सेवा (एमसीएस) के सहयोग से 360 सीमा शुल्क अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया.

India की राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी और मालदीव न्यायिक सेवा आयोग के सहयोग से 323 न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया.

इसके अलावा, वर्ष 2014 से रक्षा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के तहत मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के 1,948 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है.

इस महीने की शुरुआत में मालदीव ने भारतीय रुपए की मुद्रा विनिमय व्यवस्था के तहत 30 अरब रुपए की पहली निकासी को आगे बढ़ाने के India Government के फैसले के लिए आभार व्यक्त किया था.

मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशाम आदम ने 16 अक्टूबर को India के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और India Government को धन्यवाद देते हुए कहा था कि यह फैसला दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करता है.

उन्होंने कहा था कि मालदीव और India के रिश्ते आपसी सम्मान, समझ और सद्भावना पर आधारित हैं.

इरुथिशाम आदम ने यह भी कहा कि President मोहम्मद मुइज्जू के नेतृत्व में मालदीव ने India सहित अपने प्रमुख द्विपक्षीय साझेदारों के साथ संबंधों को और मजबूत किया है तथा भविष्य में भी इन्हें और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने President मुइज्जू के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वह मालदीव की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और देश के लोगों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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एएमटी/डीकेपी