भारत बनाम अफगानिस्तान: सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त, कप्तान अय्यर ने दिया अगले मैच में बदलाव का संकेत

New Delhi, 15 सितंबर . अफगानिस्तान के खिलाफ Tuesday को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मैच में 7 विकेट से जीत के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिया है कि तीसरे मुकाबले में उन खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है, जो अब तक बाहर बैठे थे.

टीम इंडिया ने तीन मुकाबलों की सीरीज के शुरुआती दो मैच जीतकर अजेय बढ़त हासिल कर ली है. अय्यर ने कहा कि आखिरी मैच का इस्तेमाल पूरी टीम को वहां के हालात से वाकिफ कराने और टीम मैनेजमेंट को अपने कॉम्बिनेशन के साथ प्रयोग करने का मौका देने के लिए किया जा सकता है.

मैच के बाद अय्यर ने कहा, “हम चाहते हैं कि वे सभी विकेट और हालात के आदी हो जाएं और थोड़ा अभ्यास भी कर लें. इसलिए खिलाड़ियों को, खासकर उन्हें जो अब तक बाहर बैठे थे, मौका देने और कॉम्बिनेशन में थोड़ा बदलाव करने के लिए यह एक अच्छा मैच होगा.”

इससे India के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने की गुंजाइश बनती है, खासकर इसलिए क्योंकि शुरुआती दो मुकाबलों में कई खिलाड़ियों को बहुत कम मौके मिले थे. इस कदम से टीम अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परख सकेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि टीम के अधिक से अधिक सदस्यों को मैच की प्रैक्टिस मिले.

अय्यर पहला टी20 जीतने के बाद India के प्रदर्शन से खुश थे. कप्तान ने कहा कि टीम दूसरे मैच में और बेहतर प्रदर्शन करना चाहती थी और उन्हें लगा कि उन्होंने उस लक्ष्य को हासिल किया.

उन्होंने कहा, “पिछले मैच के प्रदर्शन को देखते हुए और इस मैच में हम एक शानदार जीत चाहते थे, और आज का मैच इसका सही उदाहरण था.”

अय्यर के लिए, यह सीरीज लीडरशिप की भूमिका में जमने का मौका भी रही है, जिसे उन्होंने मुश्किल शुरुआत बताया था. मुश्किलों के बारे में सोचने के बजाय, उन्होंने संतुलित रहने और जो कुछ भी सामने आए उसे अपनाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “हां, बिल्कुल. शुरुआत में इसे स्वीकार करना मुश्किल था, लेकिन सफर हमेशा उतार-चढ़ाव भरा होता है. आपको जितना हो सके संतुलित रहना चाहिए और यह देखना चाहिए कि आप पल का आनंद लें और अतीत में जो हुआ है उसके बारे में ज्यादा न सोचें.”

अपनी कप्तानी के दौरान सामने आई चुनौतियों से निपटने के तरीके पर बात करते हुए भारतीय कप्तान ने इसी सोच को दोहराते हुए कहा, “आप हालात को जितना अपनाते हैं, वे उतने ही बेहतर होते जाते हैं.”

आरएसजी