भारत ने बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम भेजी

New Delhi, 28 अगस्त . विदेश मंत्रालय ने Friday को बताया कि 10 टन से अधिक मानवीय सहायता सामग्री और डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम लेकर तीसरी विशेष उड़ान New Delhi से काठमांडू के लिए रवाना हुई है. India Wednesday को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल की मदद के लिए अपने प्रयास तेज कर रहा है.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने Friday को कहा कि 10 टन मानवीय सहायता सामग्री लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हो गई है. इस सहायता सामग्री में पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और जल शोधन की गोलियां शामिल हैं. 11 सदस्यीय डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों की टीम और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक रेकी टीम भी उड़ान में सवार हैं. भारत-नेपाल के चल रहे राहत एवं बचाव प्रयासों में अपना सहयोग जारी रखेगा.

इससे पहले दिन में विदेश मंत्री जयशंकर ने तमिलनाडु के उन 21 तीर्थयात्रियों से मुलाकात की जो बाढ़ से बचाए जाने के बाद काठमांडू से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे थे.

विदेश मंत्री जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मैंने तमिलनाडु के 21 पर्यटकों के एक समूह का स्वागत किया, जिन्हें नेपाल में आई बाढ़ से बचाया गया था. उनकी आपबीती सुनकर मैं अत्यंत भावुक हो गया. इस बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए मैं नेपाली सेना और उस देश की Government के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. India में उनकी सुचारू वापसी के समन्वय में नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रयासों की मैं सराहना करता हूं.

ये 21 भारतीय नागरिक उन समूहों का हिस्सा थे जिन्होंने विभिन्न ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा की थी.

India नेपाल को लगातार सहायता भेज रहा है, जिसमें बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए बेली ब्रिज की तैनाती भी शामिल है. New Delhi ने विदेश मंत्रालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जो चौबीसों घंटे कार्यरत है.

विदेश मंत्रालय के अधिकारी उन राज्य Governmentों के भी संपर्क में हैं, जहां से लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हैं.

Friday को New Delhi में आयोजित द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि त्रिशुली-1 जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 भारतीय नागरिकों सहित 84 भारतीय नागरिकों को अब तक बचाया जा चुका है. उन्होंने आगे बताया कि चीन की सीमा में फंसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच गए हैं.

एमएस/