
कोलकाता, 30 अगस्त . सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने Sunday को बिहार में भारत-नेपाल सीमा के पास 48 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया और उसके पास से 50 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद की.
एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “बिहार के गलगलिया Police स्टेशन से सुबह करीब 10 बजे मिली विशेष सूचना के आधार पर 41वीं बटालियन एसएसबी की जी कंपनी (भटगांव), ए कंपनी (नेमुगुड़ी) और स्थानीय Police ने संयुक्त अभियान चलाया. यह कार्रवाई गलगलिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित टिम्बर डिपो इलाके में सबाना खातून के घर पर की गई.”
उन्होंने कहा, “छापेमारी के दौरान उसके घर से 50 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद की गई. यह घर सीमा स्तंभ संख्या 102 से करीब 450 मीटर की दूरी पर स्थित है.”
पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसके पति मोहम्मद मुस्ताक और बेटे सोहराब को नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं. महिला को गलगलिया Police ने हिरासत में ले लिया है. अब यह जांच की जा रही है कि क्या वह भी नशा तस्करी के कारोबार में शामिल थी.
एक Police अधिकारी ने कहा, “महिला के मोबाइल फोन की जांच की जाएगी. उसके बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जाएगी. संभावना है कि वह इलाके में सक्रिय किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो.”
अधिकारियों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा के पास का इलाका लंबे समय से नशा तस्करी की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है. अपराधी बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा का फायदा उठाकर अपने अवैध कामों को अंजाम देते हैं.
एक अन्य अधिकारी ने बताया, “एक बार जब अपराधी पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर जाते हैं तो बिहार Police का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो जाता है और इसके विपरीत भी यही स्थिति रहती है. वहीं, सीमा के बिल्कुल पास Police का अधिकार क्षेत्र सीमित होता है और एसएसबी भी बहुत अंदर तक कार्रवाई नहीं कर सकती. अपराधी इस स्थिति को अच्छी तरह जानते हैं और इसका फायदा उठाते हैं.”
India और नेपाल के बीच खुली सीमा भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनती है. दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के देश में आने-जाने के लिए पासपोर्ट या वीजा की आवश्यकता नहीं होती. ऐसे में बिना ठोस कारण के हर व्यक्ति की तलाशी लेना संभव नहीं है. इसी वजह से सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी भी होती रहती है.
पहले भी कई भारतीय नेपाल में नशीले पदार्थों के साथ पकड़े जा चुके हैं, जबकि नेपाल के नागरिक India में मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार हुए हैं. नेपाल में बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों और प्रतिबंधित पदार्थों की मांग को भी एक कारण माना जाता है.
अधिकारियों को संदेह है कि इस क्षेत्र में कई संगठित गिरोह सक्रिय हैं. समय के साथ विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है और सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान किया जा रहा है. अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया नेटवर्क भी सक्रिय किए गए हैं.
एसएसबी अधिकारी ने कहा, “सीमा पर निगरानी रखने के अलावा हम अपराध रोकने के लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय करते हैं. स्थानीय लोगों को भी समय-समय पर जागरूक किया जाता है ताकि वे क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने में सहयोग कर सकें.”
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एएमटी/डीकेपी
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