भारत के सीजेआई को राजनीति में न घसीटें, राहुल गांधी परिपक्वता दिखाएं : कुमारस्वामी

Bengaluru, 12 अक्टूबर . केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Monday को कहा कि India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को राजनीति में घसीटना गलत है. उन्होंने Lok Sabha में नेता विपक्ष राहुल गांधी से Political परिपक्वता दिखाने की बात कही.

कुमारस्वामी ने चुनावी मुद्दों को लेकर मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का समय मांगने पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या पार्टी संवैधानिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के सम्मान की आवश्यकता को समझती है?

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि जब कर्नाटक Government अपनी गारंटी योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन कर रही है, तो कांग्रेस मतदाताओं के सत्यापन का विरोध कैसे कर सकती है?

एसआईआर का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है और पिछले कई वर्षों से इसे किया जाता रहा है. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि मतदाता सूचियों से वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं और कुछ समुदायों के मतदाताओं की संख्या जानबूझकर कम की जा रही है.

मतदान के अधिकार के महत्व को स्वीकार करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि Political नेताओं को इसे Political विवाद बनाने से पहले जनता के कल्याण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि संविधान की बात करने वाले कांग्रेस नेताओं को संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े प्रोटोकॉल का भी सम्मान करना चाहिए.

कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन द्वारा मुख्य न्यायाधीश से Political मुद्दों पर चर्चा के लिए समय मांगे जाने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नेताओं को समझना चाहिए कि कौन से विषय संवैधानिक अधिकारियों के समक्ष उठाए जा सकते हैं और स्थापित प्रक्रियाओं का पालन कैसे किया जाना चाहिए.

कर्नाटक Government की गारंटी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि लाभार्थियों का सर्वेक्षण और सत्यापन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि ऐसी चिंताएं सामने आई हैं कि पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल रहा, जबकि अपात्र लोग आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं.

उन्होंने राज्य Government से यह स्पष्ट करने की मांग की कि गृह लक्ष्मी योजना, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की संख्या में 16 से 20 लाख की कमी क्यों आई? उन्होंने Government से इन कटौतियों के कारण और लाभार्थियों को सूची से हटाने के मापदंड सार्वजनिक करने को कहा.

कुमारस्वामी ने उन रिपोर्टों का भी हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि 79 मृत लाभार्थियों के बैंक खातों में 79 करोड़ रुपए जमा किए गए थे और अब वह राशि वापस ली जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन जरूरी है कि सरकारी धन अपात्र लोगों या मृत व्यक्तियों के नाम पर न जाए.

उन्होंने सवाल किया कि जब लाभार्थियों का सत्यापन आवश्यक माना जाता है, तो मतदाता सूची के सत्यापन को कांग्रेस Political मुद्दा क्यों बना रही है?

कुमारस्वामी ने Chief Minister डीके शिवकुमार की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन विवाद से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय Chief Minister मैसूर पैलेस में फोटोशूट कराने में व्यस्त हैं.

Chief Minister शिवकुमार की शाही सिंहासन के सामने बैठी तस्वीरों का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि इसे ऐसे पेश किया जा रहा है, मानो यह कोई नई परंपरा हो. उन्होंने संस्कृत की कहावत “अति विनयं धूर्त लक्षणम्” का भी उल्लेख किया, जिसका अर्थ है कि अत्यधिक विनम्रता कभी-कभी किसी अवांछनीय गुण का संकेत हो सकती है.

कुमारस्वामी ने दोहराया कि India के मुख्य न्यायाधीश को Political मामलों में घसीटना उचित नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी से अधिक परिपक्वता के साथ राजनीति करने की अपील की और पूछा कि केवल अपनी मांगें Supreme Court तक ले जाने से यह कैसे उम्मीद की जा सकती है कि मुख्य न्यायाधीश Political नेताओं से मुलाकात करेंगे.

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को संवैधानिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के प्रति पर्याप्त सम्मान नहीं है.

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एएमटी/एबीएम