भारत के एफटीए से वैश्विक जीडीपी के 76 प्रतिशत बाजार तक पहुंच, निर्यात को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: पीयूष गोयल

New Delhi, 30 अक्टूबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि India के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के कारण देश को अब लगभग 115 ट्रिलियन डॉलर की वैश्विक अर्थव्यवस्था के 76 प्रतिशत हिस्से तक वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच मिल रही है. उन्होंने बताया कि India वर्तमान में आठ अन्य द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौतों पर भी बातचीत कर रहा है, जिनके जुड़ने से लगभग 15 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था तक पहुंच मिल सकती है.

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इनवेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट के कर्टेन रेजर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने ए. रेवंत रेड्डी को बधाई देते हुए कहा कि तेलंगाना का 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य सामूहिक प्रयासों से हासिल किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि केंद्र Government, राज्य Government, उद्योग जगत, निवेशकों और नागरिकों की साझी भागीदारी इस लक्ष्य को साकार कर सकती है.

गोयल ने बताया कि India के मौजूदा व्यापार समझौतों ने देश को 70 ट्रिलियन डॉलर की वैश्विक जीडीपी वाले बाजारों तक वरीयता प्राप्त पहुंच प्रदान की है. इनमें से लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर की पहुंच पुराने समझौतों से मिली, जबकि हाल के वर्षों में संपन्न नौ नए व्यापार समझौतों के जरिए 60 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त बाजार पहुंच प्राप्त हुई है.

उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने दुनिया में व्यापार वृद्धि दर केवल 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. इसके बावजूद India ने चालू वर्ष में 15 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है. उन्होंने बताया कि यह लक्ष्य भारतीय निर्यातकों, उद्योग संगठनों और व्यावसायिक समुदाय के आत्मविश्वास को दर्शाता है.

भारतीय अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि एक दशक पहले “फ्रेगाइल फाइव” देशों में गिने जाने वाला India आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष देश की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही थी, जबकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई. उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि 7 प्रतिशत से ऊपर रहेगी.

तेलंगाना के ऐतिहासिक व्यापारिक महत्व का उल्लेख करते हुए गोयल ने 1244 में काकतीय शासक गणपति देव द्वारा जारी समुद्री व्यापार चार्टर मोटुपल्ली अभय शासना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय भी व्यापार के लिए स्थिरता और नीतिगत स्पष्टता को महत्व दिया गया था और आज भी निवेशक इसी प्रकार की नीति निरंतरता और भरोसे की अपेक्षा रखते हैं.

तेलंगाना की लगभग 200 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य का स्वागत करते हुए गोयल ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरी तरह संभव है, लेकिन इसके लिए सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि किसानों, मछुआरों, तकनीकी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और सरकारी अधिकारियों सहित सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक होगी.

गोयल ने कहा कि तेलंगाना दवा उद्योग, एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र, मूल्यवर्धित कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार और सेवा क्षेत्र के माध्यम से विकसित India के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. उन्होंने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी), डिजाइन एवं नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में राज्य की संभावनाओं को भी रेखांकित किया.

उन्होंने तेलंगाना के जीआई-टैग उत्पादों जैसे तंदूर अरहर दाल, चटपटा मिर्च और निजामाबाद हल्दी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया. गोयल ने कहा कि ट्रेसेबिलिटी, बेहतर पैकेजिंग और मजबूत ब्रांडिंग के जरिए किसानों को उनके उत्पादों का प्रीमियम मूल्य दिलाया जा सकता है, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी.

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डीबीपी