
New Delhi, 28 अक्टूबर . फिलीपींस के सेबू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय के साथ संवाद करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर India की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है. आज India जब कोई बात कहता है तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है कि India क्या कह रहा है. उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रतिष्ठा बढ़ने से उसके नागरिकों में भी गौरव की भावना मजबूत होती है.
इसी दौरान राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ भी अहम बैठक की. दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक जहाजों के निर्माण और वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की. भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि India ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और प्रतिष्ठा को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि India ने हमेशा पूरी दुनिया को अपना परिवार माना है. यही सोच India को दूसरे देशों से अलग पहचान देती है.
रक्षा मंत्री ने India की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 12 साल पहले India दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में 10वें-11वें स्थान पर था, जबकि आज वह पांचवें स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि पश्चिम एशिया में संकट पैदा नहीं हुआ होता तो India आर्थिक प्रगति के मामले में और आगे होता. राजनाथ सिंह ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया.
वहीं, राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने अगस्त में हुई पिछली मुलाकात के बाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष जताया. उन्होंने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशने पर सहमति जताई. बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया. इसमें समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने की क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई. इसके साथ ही जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और India की उत्पादन क्षमता का लाभ उठाकर नौसैनिक जहाजों के निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में संयुक्त विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया.
इस दिशा में भारतीय नौसेना के उप प्रमुख की जापान यात्रा को भी महत्वपूर्ण माना गया. दोनों पक्षों का उद्देश्य ऐसा सहयोग विकसित करना है, जो उनकी रणनीतिक जरूरतों के साथ-साथ समुद्री अभियानों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे. बैठक में India और जापान की वायु सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई. हाल ही में भारत-जापान वायु सेना अभ्यास ‘वीर गार्जियन 26’ के दौरान पहली बार जापान के लड़ाकू विमान India आए थे.
इस अभ्यास के साथ जापान की वायु आत्मरक्षा सेना के प्रमुख की India यात्रा भी हुई थी. दोनों देशों ने इन गतिविधियों को वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना. इसके अलावा, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में भारत-जापान रक्षा उद्योग मंच का सफल आयोजन भी चर्चा का विषय रहा. इसमें दोनों देशों की करीब 40 कंपनियों ने हिस्सा लिया. इस मंच के माध्यम से रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाया गया.
इस साल टोक्यो में होगी अहम रक्षा वार्ता राजनाथ सिंह और शिंजिरो कोइजुमी ने इस साल के अंत में टोक्यो में भारत-जापान विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की चौथी ‘2 प्लस 2’ वार्ता और दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित करने की दिशा में चर्चा तेज करने पर सहमति जताई. ‘2 प्लस 2’ वार्ता में दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री शामिल होते हैं. यह व्यवस्था रणनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा मामलों पर व्यापक चर्चा का अवसर देती है.
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्तों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए India और जापान की साझा प्रतिबद्धता बेहद महत्वपूर्ण है.
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जीसीबी/डीकेपी
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