
New Delhi, 2 सितंबर . 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद India की ओर से मदद लगातार जारी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने Wednesday को बताया कि नेपाल के लिए India का पांचवां राहत विमान रवाना हो गया है. यह विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ नेपाल भेजा गया है.
जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नेपाल के लिए India का पांचवां विमान रवाना हो गया है. इसमें 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी जा रही हैं.”
नेपाल की मदद के लिए India अब तक 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेज चुका है. भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, मजबूत तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं. इसके अलावा जरूरी दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी भेजे गए हैं.
इससे पहले Tuesday को नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है. अलग-अलग जिलों में नदियों के किनारे लगातार शव मिलने के कारण यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है.
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, अब तक 1003 शव बरामद किए जा चुके हैं. सबसे ज्यादा 321 शव चितवन जिले में मिले हैं, जबकि 216 शव नवलपरासी पूर्व जिले में बरामद हुए हैं.
नेपाल Police के अनुसार, 4,606 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. इससे आशंका है कि मृतकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है.
नेपाल Government ने बताया कि रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है.
नेपाल Government के अनुरोध पर India और चीन ने जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की खोज और बचाव में मदद के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं.
इस बीच, India की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जांच शुरू कर दी है.
इसका उद्देश्य बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में नेपाल की मदद करना है, ताकि प्रभावित परिवारों को सही जानकारी दी जा सके और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके.
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एवाई/एएस
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