भारत का दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बने रहना, सरकार के नीतिगत हस्तक्षेपों की सफलता का संकेत: वरिष्ठ अधिकारी

New Delhi, 31 अगस्त . India दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है. यह केंद्र Government के नीतिगत हस्तक्षेपों की सफलता और भारतीय परिवारों की लगातार तेज आर्थिक गतिविधियों का संकेत है. यह बयान सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ.सौरभ गर्ग की ओर से Monday को दिया गया.

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही का जीडीपी डेटा जारी होने के बाद गर्ग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि India दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है और बीते तीन वर्षों में लगातार तेज ग्रोथ हासिल करने में सफल रहा है. यह Government के नीतिगत हस्तक्षेपों की सफलता और भारतीय परिवारों की तेज आर्थिक गतिविधियों का संकेत है.

उन्होंने आगे कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के पीछे बड़ी वजह सुधार है. बीते एक साल में GST 2.0 जैसे सुधार लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर लेनदेन पर पड़ा है. इसके साथ डेटा के सोर्स में भी सुधार हुआ है. अगर हम किसी चीज की सही तरीके से मॉनिटरिंग कर पाते हैं तो हम उस आधार पर सही कदम उठा पाते हैं.

गर्ग ने आगे India की तेज वृद्धि का श्रेय भारतीय उपभोक्ता, भारतीय परिवारों, निजी अंतिम उपभोग व्यय, कॉर्पोरेट और Government द्वारा निवेश को दिया.

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है. यह पिछले साल की समान अवधि की विकास दर 6.9 प्रतिशत से 0.9 प्रतिशत ज्यादा है.

इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में India की रियल जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन को दर्शाता है.

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि इस तिमाही के दौरान नॉमिनल जीडीपी में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जबकि वास्तविक ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

वित्त मंत्री ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय India के लोगों की कड़ी मेहनत को दिया और कहा कि एनडीए Government द्वारा किए गए सुधारों और अर्थव्यवस्था के कुशल प्रबंधन के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं.

एबीएस