
ओटावा, 14 अक्टूबर . ओटावा में वार्ता के पांचवें दौर के बाद कनाडा और India ने एक व्यापक व्यापार समझौते के लिए बातचीत तेज की है. दोनों देशों के मंत्री प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि साल के अंत से पहले एक समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके.
ग्लोबल अफेयर्स कनाडा ने Tuesday को जारी एक बयान में कहा कि कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने इस सप्ताह New Delhi में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की. यह बैठक India में टीम कनाडा व्यापार मिशन के दौरान हुई, जिसके तहत एक बड़ा कनाडाई व्यापार प्रतिनिधिमंडल निवेश के अवसरों और वाणिज्यिक साझेदारियों का पता लगाने के लिए Mumbai और Bengaluru आया है.
कनाडाई Government के अनुसार, मंत्रियों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए चल रही बातचीत पर चर्चा की. यह बातचीत ओटावा में 5 से 9 अक्टूबर तक हुए पांचवें दौर की बातचीत को आगे बढ़ाने के मकसद से की गई.
ग्लोबल अफेयर्स कनाडा ने कहा, “दोनों देश पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं.” हालांकि, इस बयान में वार्ता करने वाली टीमों के बीच मौजूद मतभेदों का उल्लेख नहीं किया गया और न ही अगले दौर की तारीख की घोषणा की गई.
यह नवीनतम मंत्रिस्तरीय बैठक मई 2025 के बाद से सिद्धू और गोयल के बीच नौवीं बैठक थी. इस महीने की शुरुआत में मिल्वौकी में हुई जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों के बीच हुई चर्चा के बाद इस दिशा में नए सिरे से प्रयास किए जा रहे हैं.
सिद्धू ने दोनों देशों के व्यवसायों को जोड़ने और वाणिज्यिक समझौतों को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए कनाडाई व्यापार मिशन का समर्थन करने के लिए गोयल को धन्यवाद दिया. 12 से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस मिशन में लगभग 300 प्रतिनिधि शामिल हैं और यह तीन दशकों से अधिक समय में India आने वाला कनाडा का सबसे बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल है.
कनाडाई कंपनियां ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, एयरोस्पेस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उन्नत विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों की तलाश कर रही हैं.
ओटावा ने कहा कि यह वाणिज्यिक समझौता कनाडा की इंडो-पैसिफिक रणनीति और अमेरिका से बाहर निर्यात को काफी हद तक बढ़ाने के उसके उद्देश्य का समर्थन करता है. कनाडा Government ने 2030 तक India के साथ वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है.
यह 2025 में दोनों देशों के बीच हुए 30.4 अरब डॉलर के सामान और सेवाओं के व्यापार से दोगुने से भी अधिक होगा. कनाडा India को अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने के लिए एक अहम बाजार के तौर पर देखता है, खासकर इसलिए क्योंकि ओटावा अमेरिका पर अपनी भारी निर्भरता को कम करना चाहता है.
India के लिए, एक व्यापक समझौते से कनाडाई बाजारों तक बेहतर पहुंच मिल सकती है. साथ ही ऊर्जा, खनिजों, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग मजबूत हो सकता है.
ओटावा में आयोजित पांचवें दौर से पहले चार दौर हुए थे जिनका उद्देश्य मतभेदों को कम करना और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए एक ढांचा विकसित करना था. यह ताजा बातचीत New Delhi और ओटावा के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की व्यापक कूटनीतिक कोशिशों के बीच हो रही है.
आर्थिक सहयोग इस कोशिश का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है, जिसमें दोनों Governmentें सुरक्षा और कानून प्रवर्तन पर बातचीत के साथ-साथ व्यापारिक संबंधों को भी बढ़ाना चाहती हैं.
कनाडा से India को होने वाला माल निर्यात 2025 में 3.9 अरब डॉलर रहा, जिसमें सब्जियां, खनिज ईंधन और तेल तथा लकड़ी का गूदा प्रमुख थे. India से आयात 9.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें
कीमती पत्थर और धातुएं, मशीनरी और औषधीय उत्पाद प्रमुख श्रेणियां थीं.
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डीसीएच/
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