भारत और श्रीलंका के उच्चायुक्त ने की बैठक, द्विपक्षीय सहयोग की मजबूती पर चर्चा

New Delhi, 28 अगस्त . India में श्रीलंका के उच्चायुक्त महिशिनी कोलोने और श्रीलंका में India के उच्चायुक्त संतोष झा ने Friday को भारत-श्रीलंका फाउंडेशन (आईएसएलएफ) की चल रही पहलों की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नए परियोजना प्रस्तावों पर चर्चा की.

दोनों अधिकारियों ने New Delhi में आयोजित भारत-श्रीलंका फाउंडेशन की 41वीं बोर्ड बैठक की संयुक्त अध्यक्षता की.

भारत-श्रीलंका फाउंडेशन एक ट्रस्ट फंड है, जिसकी स्थापना India और श्रीलंका की Governmentों ने की थी. इसका उद्देश्य आर्थिक, वैज्ञानिक, शैक्षणिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देकर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करना है. इस फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 1998 में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत की गई थी.

उच्चायुक्त संतोष झा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “आज New Delhi में भारत-श्रीलंका फाउंडेशन की 41वीं बोर्ड बैठक की सह-अध्यक्षता श्रीलंका की India में उच्चायुक्त महिशिनी कोलोने के साथ की. बैठक में बोर्ड सदस्य मोहन कुमार, अशोक मलिक और प्रसाद करियावासम भी शामिल हुए.”

उन्होंने बताया कि बैठक में फाउंडेशन की मौजूदा गतिविधियों की समीक्षा की गई और शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अन्य क्षेत्रों में भारत-श्रीलंका संबंधों को और गहरा करने के लिए नए परियोजना प्रस्तावों पर विचार किया गया.

इससे पहले 6 अगस्त को श्रीलंका में India के उप उच्चायुक्त मैत्रेयी कुलकर्णी ने श्रीलंका के सहकारी विकास उपमंत्री उपाली समरसिंघे को अतिरिक्त बेली ब्रिज सौंपे थे.

इन पुलों को भारतीय सेना के इंजीनियर श्रीलंका के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित करेंगे, जिससे संपर्क व्यवस्था बहाल करने और बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलेगी.

श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर कहा था, “250 मीट्रिक टन से अधिक वजन वाले बेली ब्रिज का अगला सेट आज उप उच्चायुक्त मैत्रेयी कुलकर्णी ने उपाली समरसिंघे को सौंपा.”

उच्चायोग ने बताया कि ये पुल India के 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा हैं और इन्हें भारतीय सेना के इंजीनियर पूरे श्रीलंका में स्थापित करेंगे.

5 अगस्त को India के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपनी श्रीलंका यात्रा के दौरान India की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘विजन महासागर’ के तहत श्रीलंका के प्रति India की प्रतिबद्धता दोहराई थी.

इस यात्रा के दौरान उन्होंने श्रीलंका के President अनुरा कुमारा दिसानायके, Prime Minister हरिणी अमरसूर्या, विदेश मंत्री विजिता हेराथ और विदेश सचिव अरुणी रणराजा से मुलाकात की.

इसके अलावा उन्होंने विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा तथा श्रीलंका के तमिल और भारतीय मूल के तमिल समुदाय के नेताओं से भी अलग-अलग बैठकें कीं.

इन बैठकों के दौरान दोनों देशों ने भारत-श्रीलंका के बीच चल रही विभिन्न द्विपक्षीय परियोजनाओं और सहयोग के मुद्दों की व्यापक समीक्षा की तथा भविष्य के सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की.

एएमटी/डीएससी