भारत और रूस ने यात्री विमानों के संयुक्त उत्पादन पर की चर्चा

New Delhi, 10 सितंबर . India के नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने Thursday को रूस के उद्योग एवं व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव के साथ India की क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी की मांग को पूरा करने के लिए सिविल यात्री विमानों के संयुक्त निर्माण पर चर्चा की.

नायडू ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की अपार संभावनाओं को देखते हुए India और रूस के पास अपने संबंधों को खरीदार-विक्रेता संबंध से आगे बढ़ाकर संयुक्त विनिर्माण और गहरे औद्योगिक सहयोग तक ले जाने का एक मजबूत अवसर है.”

उन्होंने आगे कहा कि भारत-रूस संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और विमानन रणनीतिक साझेदारी के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है.

सार्वजनिक क्षेत्र की एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (यूएसी) ने इससे पहले India में सुपरजेट (एसजे-100) सिविल कम्यूटर विमान के लाइसेंस के तहत संयुक्त उत्पादन और सहायता के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. बताया जा रहा है कि इसके स्थानीयकरण को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है.

प्रस्तावित समझौतों और चर्चाओं में भारतीय विमानन कंपनियों के लिए 105 क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप विमानों की संभावित डिलीवरी और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं. इनमें पिनैकल एयर, एयर केरल और स्लीक एविएशन शामिल हैं.

रूस ने India में आयोजित इनोप्रोम कार्यक्रम में अपने क्षेत्रीय एसजे-100, एमसी-21 और आईआई-114-300 विमानों का प्रदर्शन किया, ताकि India की तेजी से बढ़ती क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की जरूरतों को पूरा करने के अवसर तलाशे जा सकें.

विमानन क्षेत्र में बढ़ता सहयोग ऐसे समय में हो रहा है जब रूस मिग और सुखोई लड़ाकू विमानों जैसे पारंपरिक रक्षा प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर India के साथ औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना चाहता है. प्रस्तावित विमान सौदे भारत-रूस एयरोस्पेस संबंधों के सिविल एविएशन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विमान विनिर्माण तक विस्तार की संभावित दिशा का संकेत देते हैं.

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले 9 से 11 सितंबर तक New Delhi में आयोजित हो रहे इनोप्रोम इंडिया में रूस और India की 120 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं.

ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्राएर के वैश्विक सरकारी संबंध प्रमुख जोस सेराडोर नेटो ने भी नायडू से मुलाकात की और कंपनी की ‘मेक इन इंडिया’ योजनाओं तथा सहयोग के बढ़ते अवसरों पर चर्चा की.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “India के बढ़ते एयरोस्पेस इकोसिस्टम में वैश्विक ओईएम का भरोसा और वैश्विक विमानन सप्लाई चेन में प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं के रूप में भारतीय निर्माताओं पर बढ़ती निर्भरता उत्साहजनक है.”

एबीएस