
New Delhi, 28 सितंबर . India और फिजी ने Monday को अपनी द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया. New Delhi में आयोजित भारत-फिजी द्विपक्षीय संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक में दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और भविष्य के सहयोग के नए रास्तों पर चर्चा की.
India के रक्षा मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बैठक से संबंधित जानकारी साझा करते हुए लिखा, “भारत-फिजी द्विपक्षीय संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक 28 सितंबर को New Delhi में आयोजित हुई. बैठक की सह-अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और फिजी के रक्षा एवं पूर्व सैनिक मामलों के स्थायी सचिव मेसन स्मिथ ने की. बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने जारी द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की और द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया.”
इसके अलावा, India और पोलैंड ने Monday को संस्थागत रक्षा और रक्षा औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने और 2024-2028 संयुक्त कार्य योजना को लागू करने पर चर्चा की. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह चर्चा तब हुई जब रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और पोलैंड की राज्य सचिव और उप मंत्री मैग्डेलेना सोबकोवियाक-जारनेका ने New Delhi में भारत-पोलैंड संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक की सह-अध्यक्षता की.
रक्षा मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत-पोलैंड संयुक्त कार्य समूह की बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और पोलैंड की राज्य सचिव और उप मंत्री मैग्डेलेना सोबकोवियाक-जारनेका ने 28 सितंबर को New Delhi में की. बैठक में संयुक्त कार्य योजना (2024-2028) को लागू करने और India और पोलैंड के बीच संस्थागत, रक्षा और रक्षा औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.”
इससे पहले 4 सितंबर को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने वारसॉ में अपनी बैठक के दौरान पोलैंड के उप Prime Minister और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की और संयुक्त कार्य योजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की.
विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स पर लिखा, “वारसॉ में पोलैंड के डीपीएम और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की. हमने व्यापार और निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, शिपिंग, खनन और ऊर्जा, लोगों के बीच आपसी संबंध, संस्कृति और बहुपक्षीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए हमारी संयुक्त कार्य योजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की.”
उन्होंने आगे कहा, “भारत-ईयू सहयोग को और गहरा करने के लिए पोलैंड के समर्थन का सम्मान करते हैं. विश्वास है कि एफटीए के लागू होने से द्विपक्षीय सहयोग और भी घनिष्ठ होगा. आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन और खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा सहित जटिल वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की. अंतहीन युद्ध को समाप्त होना ही चाहिए.”
अपनी यूरोपीय देश की यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ने वारसॉ में पोलैंड के President करोल नावरोकी से भी मुलाकात की और भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक दिशा पर बातचीत की.
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “पोलैंड के President करोल नावरोकी से मिलकर खुशी हुई. हमारी बातचीत हमारी रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक दिशा पर केंद्रित रही. यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया, आईएमईसी और जी20 पर विचारों का आदान-प्रदान किया.”
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डीकेपी
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