
वारसॉ, 4 सितंबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने Friday को कहा कि India और पोलैंड मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के दौर में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बहसों और नीतिगत मुद्दों की दिशा तय करने में मिलकर अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, खुली अर्थव्यवस्था और बहुपक्षीय सहयोग के साझा दृष्टिकोण से जुड़े हुए हैं.
वारसॉ में पोलैंड के उप Prime Minister एवं विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध समेत कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि India का मानना है कि अंतहीन युद्धों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है.
जयशंकर ने कहा, “यूक्रेन में युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है. मैं स्वयं अभी कीव से आया हूं. India का स्पष्ट मत है कि युद्ध का अंत होना चाहिए, क्योंकि ऐसे युद्ध में कोई विजेता नहीं होता. हर अतिरिक्त दिन अधिक मौतें, अधिक तबाही और पूरी दुनिया पर बढ़ता आर्थिक बोझ लेकर आता है.”
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi भी हाल ही में सार्वजनिक रूप से इस चिंता को व्यक्त कर चुके हैं और India लगातार संवाद एवं कूटनीतिक प्रयासों को बढ़ावा देने के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
विदेश मंत्री ने बताया कि वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया, खाड़ी क्षेत्र और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय केवल कई युद्धों का ही नहीं, बल्कि खाद्य, ईंधन और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी गंभीर चुनौतियों का भी सामना कर रही है. इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती भी एक बड़ी चिंता बन गई है.
उन्होंने कहा, “India और पोलैंड Political लोकतंत्र, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और खुले समाज वाले देश हैं. ऐसे में दोनों देश संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर कई अहम वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक दिशा देने में सहयोग कर सकते हैं.”
जयशंकर ने कहा कि दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और भारत-यूरोपीय संघ संबंध इस वैश्विक पुनर्संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि यूरोपीय संघ के भीतर पोलैंड की मजबूत भूमिका भारत-ईयू साझेदारी को और गति देगी.
उन्होंने कहा कि India और पोलैंड के बीच लंबे समय से सौहार्दपूर्ण संबंध हैं, जिन्हें वर्ष 2024 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था. Prime Minister Narendra Modi की दो वर्ष पहले पोलैंड यात्रा के दौरान तय किए गए एक्शन प्लान की समीक्षा भी बैठक में की गई.
जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में वृद्धि हुई है, रक्षा सहयोग मजबूत हुआ है और खनन तथा ऊर्जा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नवाचार जैसे नए क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं.
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ कोयला, गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई क्षेत्रों में नए समझौतों पर काम चल रहा है, जो भारत-पोलैंड संबंधों को और मजबूती देंगे.
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डीएससी
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