
ताशकंद, 4 अक्टूबर . India के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने Sunday को उज्बेकिस्तान के Supreme Court की अध्यक्ष रोबाखोन मखमुदोवा से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच न्यायिक सहयोग और न्यायिक प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा डिजिटल तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर चर्चा हुई.
ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने उज्बेकिस्तान के Supreme Court की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रोबाखोन मखमुदोवा के साथ द्विपक्षीय बैठक की. बैठक में India और उज्बेकिस्तान के बीच न्यायिक सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया. इसके अलावा न्यायिक प्रणाली में एआई और डिजिटल तकनीक के कुशल इस्तेमाल के मुद्दे पर भी चर्चा हुई.
इससे पहले Thursday को सीजेआई ने उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में एशियाई संवैधानिक न्यायालयों के संघ (एएसीसी) की 7वीं कांग्रेस में हिस्सा लिया था. भारतीय दूतावास के अनुसार, सीजेआई ने सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और ‘डिजिटाइजिंग जस्टिस: चार्टिंग द Supreme Court ऑफ इंडिया’ विषय पर संबोधन दिया.
इससे पहले जून में सीजेआई सूर्यकांत ने रूस की यात्रा की थी, जहां उन्होंने मॉस्को में रूस के Supreme Court के अध्यक्ष इगोर क्रास्नोव से मुलाकात की थी.
उस दौरान सीजेआई ने कहा था कि India और रूस के Supreme Court अलग-अलग कानूनी परंपराओं के तहत विकसित हुए हैं, लेकिन दोनों के सामने तेजी से बदलती दुनिया के अनुरूप ढलने के साथ न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने की समान चुनौती है.
उन्होंने दोनों न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच समानताओं का भी उल्लेख किया था. सीजेआई ने कहा था कि India और रूस के Supreme Court विशाल और विविधतापूर्ण समाजों की सेवा करते हैं.
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायिक प्रणाली में तकनीक की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा था कि आधुनिक न्यायपालिका को इसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा कायम रहे.
उन्होंने कहा था कि न्याय के भविष्य की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि तकनीकी नवाचार को स्थायी मानवीय मूल्यों के साथ किस तरह जोड़ा जाता है. उनके मुताबिक, तकनीक अदालतों तक पहुंच बढ़ाने और कार्यक्षमता में सुधार करने में मदद कर सकती है, लेकिन न्याय का संचालन मूल रूप से मानवीय प्रयास ही रहना चाहिए.
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डीएससी
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