भारत और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद रोधी सहयोग समेत कई क्षेत्रों में रिश्ते मजबूत करने पर की चर्चा

New Delhi, 24 अक्टूबर . New Delhi में भारत-उज्बेकिस्तान आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह के सह-अध्यक्ष तथा उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, निकट एवं मध्य पूर्व और अफ्रीकी देशों के सहयोग विभाग के प्रमुख पिरीमकुलोव गुलोमजोन शोदमोनकुलोविच और विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बैठक की. इस दौरान India और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद से निपटने समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की.

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने पिरीमकुलोव गुलोमजोन शोदमोनकुलोविच से मुलाकात की. दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी सहयोग और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

इसके अलावा भारत-उज्बेकिस्तान आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह की 10वीं बैठक 22 अक्टूबर को New Delhi में आयोजित हुई. इस बैठक की सह अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव सुहेल अजाज खान और पिरीमकुलोव गुलोमजोन शोडमोनकुलोविच ने की.

बैठक के दौरान दोनों देशों ने दुनियाभर और अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी संगठनों से पैदा हो रहे खतरों पर चर्चा की. साथ ही आतंकवाद से निपटने की मौजूदा और उभरती चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया. इनमें कट्टरपंथ और उग्रवाद को रोकना, आतंकवाद की फंडिंग पर लगाम लगाना, आतंकवादी गतिविधियों में तकनीक के दुरुपयोग को रोकना और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध तथा आतंकवाद के बीच बढ़ते संबंध जैसे मुद्दे शामिल थे.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के सामने मौजूद चुनौतियों का मिलकर सामना करने और भारत-उज्बेकिस्तान आतंकवाद रोधी संयुक्त कार्य समूह के ढांचे को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई.

दोनों पक्षों ने सूचना साझा करने, क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) और बेहतर तरीकों के आदान-प्रदान के माध्यम से आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की. साथ ही India और उज्बेकिस्तान की संबंधित एजेंसियों के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया.

दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन), एससीओ-आरएटीएस और ईएजी जैसे बहुपक्षीय मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.

इससे पहले चार अक्टूबर को India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने उज्बेकिस्तान की Supreme Court की अध्यक्ष रोबाखोन मखमुदोवा से मुलाकात की थी. दोनों के बीच न्यायिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई.

ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, बैठक में न्याय व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग पर भी बातचीत की गई.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में आयोजित ‘एसोसिएशन ऑफ एशियन कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट्स’ की 7वीं कांग्रेस में भी हिस्सा लिया था.

इस साल मई में India और उज्बेकिस्तान के बीच ‘फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन’ का 17वां दौर New Delhi में आयोजित हुआ था. इस बैठक की सह-अध्यक्षता सिबी जॉर्ज और उज्बेकिस्तान के प्रथम उप-विदेश मंत्री बाखरोमजोन अलोएव ने की थी.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, पर्यटन, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और वाणिज्यिक मामलों सहित आपसी संबंधों के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की. साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया.

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