भारत-ईयू एफटीए से जर्मनी को निर्यात 2030 तक 50 अरब डॉलर के पार जा सकता है: रिपोर्ट

New Delhi, 23 अक्टूबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, India और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) जर्मनी के साथ आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई दे सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि India का जर्मनी को वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 2030 तक 50 अरब डॉलर के स्तर को पार कर सकता है.

उद्योग संगठन एसोचैम की एक रिपोर्ट में, जिसे Union Minister पीयूष गोयल ने जर्मनी यात्रा के दौरान बर्लिन में जारी किया था, कहा गया है कि भारत-ईयू एफटीए का अधिक प्रभावी उपयोग और गहरा आर्थिक सहयोग इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-ईयू एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलेगी. यूरोपीय संघ द्वारा भारतीय निर्यात के बड़े हिस्से को शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) पहुंच दिए जाने की संभावना है, जिससे टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.

एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि India और जर्मनी अपनी-अपनी विनिर्माण क्षमता, तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार की ताकत का लाभ उठाकर आर्थिक सहयोग को और गहरा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उद्योगों के बीच बढ़ती भागीदारी विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा करेगी और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाएगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जर्मनी का मजबूत औद्योगिक आधार और India का तेजी से बढ़ता विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, डिजिटल प्रौद्योगिकी, क्रिटिकल मिनरल्स और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर प्रदान करते हैं.

वहीं, एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि जर्मनी की ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप तथा नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में सहयोग निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और टिकाऊ औद्योगिक विकास को नई गति दे सकता है.

उन्होंने कहा कि बिजनेस-टू-बिजनेस संपर्क, सेक्टोरल संवाद और खरीदार-विक्रेता बैठकों को बढ़ावा देकर इस बढ़ती साझेदारी को वास्तविक व्यावसायिक परिणामों में बदला जा सकता है और भारतीय उद्योग की भागीदारी को और व्यापक बनाया जा सकता है.

इसके अलावा, एसोचैम के मुख्य अर्थशास्त्री एस.पी. शर्मा ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए का व्यापक उपयोग होने पर India के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है. उनका अनुमान है कि 2030 तक India का जर्मनी को निर्यात 50 अरब डॉलर से आगे बढ़कर 60 अरब डॉलर (करीब 54 अरब यूरो) तक भी पहुंच सकता है.

उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग में बढ़ोतरी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को लंबे समय तक मजबूती प्रदान करेगी.

एसोचैम ने यह भी कहा कि वह भारतीय उद्योगों को जर्मनी में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने और भारत-जर्मनी रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए उद्योग सहयोग और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देता रहेगा.

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डीबीपी