भारत-अमेरिका साझेदारी तय करेगी 21वीं सदी की दिशा : मार्को रुबियो

Mumbai , 20 अक्टूबर . अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने Tuesday को कहा कि 21वीं सदी का इतिहास ‘इसी क्षेत्र’ में लिखा जा रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन और New Delhi के बीच की साझेदारी ही यह तय कर रही है कि यह सदी कैसी होगी.

अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में Mumbai में आयोजित ‘फ्रीडम 250’ कार्यक्रम में रुबियो ने India के साथ जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि India दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और एक मजबूत भू-Political साझेदार है. अगर आप 21वीं सदी की कहानी और इतिहास के बारे में सोचें, तो यह इसी क्षेत्र में लिखा जा रहा है और अभी इसी वक्त लिखा जा रहा है. एक दिन कोई 21वीं सदी के इतिहास पर किताब लिखेगा. उसमें दुनिया के अन्य क्षेत्रों के बारे में भी एक अध्याय होगा, लेकिन 21वीं सदी कैसी होगी, चाहे वह अच्छी हो या बुरी, यह इसी बात से तय होगा कि इस क्षेत्र में क्या होता है. हम यह जानते हैं. हम इसे महसूस कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि अमेरिका और India के बीच के संबंध, कई सकारात्मक मायनों में, यह तय करेंगे कि 21वीं सदी कैसी होगी. India और अमेरिका इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि सुपरइंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल मानवता के भले के लिए किया जाना चाहिए. इसके साथ ही इनके नुकसानों को भी कम किया जाना चाहिए. इसके अलावा, दोनों देश एक ऐसे मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र (इंडो-पैसिफिक) की आवश्यकता पर भी सहमत हैं, जहां कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर अपना प्रभुत्व न जमा सके.”

उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार खुले समुद्री मार्गों पर निर्भर करता है. मुख्य रूप से India और अमेरिका के लिए यह एक ऐसे मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर निर्भर है, जिसमें कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर अपना प्रभुत्व या स्वामित्व होने का दावा न कर सके. इस मुद्दे पर, हमारी सोच शत-प्रतिशत एक जैसी है.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, “दुनिया के कोई भी दो देश हर मुद्दे पर पूरी तरह से सहमत नहीं हो सकते. जाहिर है कुछ बातों पर असहमति भी होगी, लेकिन India और अमेरिका के राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुख्य मुद्दों पर हमारे दोनों देशों के बीच असाधारण तालमेल हैं, खासकर इतने बड़े आकार वाले दो देशों के मामले में.

उन्होंने कहा, “मैं आपसे तीन महीने में फिर मिलूंगा, क्योंकि अब मैं हर तीन महीने में यहां आऊंगा.”

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एबीएम/