
New Delhi, 14 अक्टूबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Wednesday को कहा कि India और अमेरिका के संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं और दोनों देशों में Political सोच में बदलाव होने के बावजूद यह साझेदारी आगे और मजबूत होती जाएगी.
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए Union Minister पीयूष गोयल ने कहा कि India और अमेरिका के बीच संबंध पहले से ही काफी मजबूत हैं और फिलहाल उन्हें कोई समस्या नजर नहीं आती.
उन्होंने कहा, “मेरे विचार में दोनों देशों के बीच साझेदारी बेहद ठोस और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों बड़े लोकतांत्रिक देश हैं. यह याद रखना जरूरी है कि यह संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं है. अमेरिका India का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और मेरा मानना है कि आने वाले वर्षों में भी वह ऐसा ही बना रहेगा. कुल मिलाकर, मुझे अमेरिका के साथ समझौते करने में कोई बड़ी बाधा दिखाई नहीं देती.”
मंत्री ने आगे कहा कि यह साझेदारी व्यापार से आगे बढ़कर रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं और लोगों के बीच मजबूत संपर्क तक फैली हुई है.
उन्होंने कहा, “हकीकत यह है कि India और अमेरिका के बीच बहुत करीबी संबंध हैं और दोनों कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं. इनमें संयुक्त रक्षा अभ्यास और प्रौद्योगिकी, वस्तुओं तथा सेवाओं की खुली आपूर्ति शृंखलाओं को सुनिश्चित करने के लिए सहयोग भी शामिल है. भारत-अमेरिका संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं और मेरा मानना है कि दोनों देशों में Political सोच में किसी भी बदलाव के बावजूद ये संबंध और मजबूत होंगे.”
गोयल ने कहा कि इस संबंध की मजबूती “हमारी आर्थिक, Political और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं” से आती है.
उन्होंने कहा, “इसलिए यह एक स्थिर और मजबूत साझेदारी है और मुझे नहीं लगता कि दुनिया के बाकी देशों को इसे लेकर चिंता करने की जरूरत है.”
मंत्री ने कहा कि पिछले चार से साढ़े चार वर्षों में India ने 38 विकसित देशों के साथ वरीयता प्राप्त व्यापार समझौतों (प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट्स) में प्रवेश किया है.
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य India के बाजारों को दुनिया के लिए खोलना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय कारोबारों के लिए भी दूसरे देशों के बाजार समान रूप से सुलभ हों. वर्ष 2014 तक India को लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त जीडीपी वाली अर्थव्यवस्थाओं तक वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच प्राप्त थी. आज हमारे व्यापार समझौते लगभग 70 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी का प्रतिनिधित्व करने वाली अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं.”
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डीबीपी
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