भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों को सजा दिलाएगा इंडिया ब्लॉक: राहुल गांधी

New Delhi, 30 सितंबर . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने Wednesday को कहा कि इंडिया ब्लॉक भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों को सजा दिलाना सुनिश्चित करेगा. उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों का पद या वरिष्ठता मायने नहीं रखती, क्योंकि भारतीय लोकतंत्र देश के हर व्यक्ति से बड़ा है.

राष्ट्रीय राजधानी स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं ने भारतीय संविधान की सामूहिक रूप से रक्षा करने की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले महीनों में विपक्ष देश में बड़े बदलाव लाएगा.

राहुल गांधी ने कहा, “मुख्य मुद्दा वोट चोरी का था. हर पार्टी का मानना है कि भाजपा, पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने भारतीय लोकतंत्र पर हमला किया है.”

उन्होंने कहा, “यह इंडिया के सभी नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि हम भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को सजा दिलाना सुनिश्चित करेंगे. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कितने वरिष्ठ हैं या कौन हैं. भारतीय लोकतंत्र इस देश के हर व्यक्ति से बड़ा है.”

कांग्रेस सांसद ने कहा कि बैठक में यह भावना भी सामने आई कि विपक्ष जनता तक यह बात पहुंचाने में काफी हद तक सफल रहा है कि चुनावों में कथित तौर पर धांधली हो रही है और भाजपा के नेताओं ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है.

उन्होंने कहा कि खासकर युवाओं के बीच एक नया प्रतिरोध देखने को मिल रहा है. युवाओं को लग रहा है कि देश में जो कुछ हो रहा है, वह गलत है और इसे रोका जाना चाहिए.

राहुल गांधी ने कहा, “मैंने सभी विपक्षी नेताओं से यह भी कहा कि वे भारतीय संविधान के सामूहिक रक्षक हैं. हमारे लिए एक साथ काम करना सम्मान की बात है. हमें विश्वास है कि आने वाले कुछ महीनों में हम देश में गंभीर बदलाव लाएंगे.”

इंडिया ब्लॉक के प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में बैठक कर चुनाव आयोग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा की.

इस बीच, कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग दोहराई. पार्टी ने कहा कि देश में मतदान का अधिकार जनता का है.

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उसके दृष्टिकोण को त्रुटिपूर्ण और पक्षपातपूर्ण बताया. बैठक का उद्देश्य इन मुद्दों पर विपक्षी दलों को एकजुट करना और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के लिए साझा रणनीति तैयार करना था.

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डीएससी