भारतीय रेलवे ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम के उन्नयन और चार लेन वाले रोड ओवरब्रिज के निर्माण को दी मंजूरी

New Delhi, 19 सितंबर . Government ने Saturday को कहा कि भारतीय रेलवे ने रेल बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें दक्षिण तटीय रेलवे के सावल्यापुरम-गुंटूर सेक्शन में विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली के उन्नयन और पश्चिम रेलवे के उधना-उकाई सोंगढ़ सेक्शन पर चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण शामिल है.

Government द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय रेल ने साउथ कोस्ट रेलवे के 73 रूट किलोमीटर लंबे सावल्यापुरम-गुंटूर सेक्शन में विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली के उन्नयन के लिए 142 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है. यह परियोजना 146 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी.

बयान के अनुसार, उन्नत ट्रैक्शन प्रणाली इस मार्ग पर बिजली आपूर्ति ढांचे को मजबूत करेगी और बढ़ती रेल यातायात जरूरतों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद करेगी. इससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी और रेलवे परिचालन अधिक सुचारू बनेगा.

Government ने कहा कि यह परियोजना इस महत्वपूर्ण हाई यूटिलाइजेशन नेटवर्क (एचयूएन) रूट की क्षमता और विश्वसनीयता को भी मजबूत करेगी. इसके परिणामस्वरूप ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी.

इस बीच, भारतीय रेलवे ने पश्चिम रेलवे के उधना-उकाई सोंगढ़ सेक्शन पर चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है, जिसकी कुल लागत 133.23 करोड़ रुपए होगी और इसे राज्य Government के साथ लागत साझा आधार पर विकसित किया जाएगा.

इस परियोजना में रेलवे का हिस्सा 66.61 करोड़ रुपए और राज्य Government का हिस्सा भी लगभग 66.61 करोड़ रुपए होगा.

रेल मंत्रालय के अनुसार, चार लेन वाले इस आरओबी के निर्माण से सड़क यातायात की आवाजाही अधिक सुगम होगी और रेलवे परिचालन में सड़क यातायात से होने वाले व्यवधान कम होंगे.

ग्रेड-सेपरेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित होने वाला यह पुल ट्रेनों के अधिक सुरक्षित और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर परिचालन दक्षता और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा.

बयान के अनुसार, जिस स्थान पर आरओबी का निर्माण होना है वहां 62 प्रतिशत का स्क्यू एंगल है, जिससे डिजाइन और निर्माण कार्य अधिक जटिल हो जाता है.

परियोजना में वायाडक्ट हिस्से की कुल लंबाई 311.58 मीटर होगी, जिस पर लगभग 19.98 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. वहीं रेलवे एप्रोच (आरई) हिस्से की लंबाई 524.32 मीटर होगी, जिसकी अनुमानित लागत 10.25 करोड़ रुपए है.

डीबीपी