
Lucknow, 1 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी के सांसद कौशल किशोर ने कहा कि उन्हें जानबूझकर अपमानित किया गया है और 13 सितंबर को Lucknow के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होने वाली आत्मसम्मान रैली सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि आजादी के शहीदों, सनातन धर्म रक्षकों और कम वेतन पर काम कर रहे संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों के सम्मान के लिए है. इस आत्मसम्मान रैली का आयोजन पासी महासंघ के बैनर तले किया जा रहा है.
सांसद कौशल किशोर ने कहा, “आउटसोर्सिंग और संविदा की यह प्रथा आत्मसम्मान को झकझोरती है. यह लोगों को गुलाम बनाने की प्रथा है और इसे खत्म होना चाहिए. यह रैली संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के स्वाभिमान और आत्मसम्मान के लिए है. 13 सितंबर को Lucknow के दुबग्गा स्थित जॉगर्स पार्क के पास बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर यह आत्मसम्मान रैली आयोजित की जाएगी.
उन्होंने कहा कि यह रैली पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों को लेकर की जा रही है. उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि 13 सितंबर को सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर पहुंचें.
पार्टी के मूल उद्देश्यों को लेकर सांसद कौशल किशोर ने कहा कि यह तो पार्टी के लोग समझ रहे होंगे कि अपने उसूल पर कितना चल रहे हैं, कितना नहीं चल रहे हैं. मैं किसी पार्टी की बात नहीं कर रहा हूं. यह सभी पार्टियों पर लागू है. जब भी लोग उसूलों से भटकते हैं, तब निश्चित तरीके से जनता का विश्वास टूटता है, और जनता का विश्वास अगर टूट रहा है, तो लोगों को समझना चाहिए कि वे अपने उसूल से भटक रहे हैं. गेंद जितनी ऊपर चली जाती है और फिर जब गिरती है, तो उसकी स्पीड लगातार बढ़ती जाती है. उसको कोई रोक नहीं सकता. यह एक सार्वभौमिक सत्य है.
कौशल किशोर ने कहा कि न्यूटन का सिद्धांत भी यही कहता है और यह व्यक्ति, संगठन, और सभी Political दलों पर लागू होता है. अगर कोई व्यक्ति, संगठन, आंदोलन, या Political पार्टी अपने उसूलों, सिद्धांतों, और विचारधारा से भटक जाती है तो वह वापस वहीं पहुंच जाती है जहां से उसने शुरुआत की थी और लोगों का विश्वास भी टूट जाता है.
BJP MP ने कहा कि यह बात उन्होंने किसी विशेष Political पार्टी के लिए नहीं कही है. यह एक सार्वभौमिक और सर्वमान्य सिद्धांत है जो सभी पर लागू होता है.
आत्मसम्मान रैली को लेकर उन्होंने बताया कि इससे पहले 19 मई को मलिहाबाद में स्वाभिमान रैली का आयोजन किया था, जिसे रोकने की पूरी कोशिश की गई और उन पर बेवजह दबाव बनाया गया.
उन्होंने कहा कि वह तब भी भाजपा में थे और आज भी हैं. उनकी Government है, फिर भी रैली की अनुमति रद्द कर दी गई, Police एस्कॉर्ट और गनर वापस ले लिए गए और रैली न करने को कहा गया. यह रैली इसलिए की थी क्योंकि मलिहाबाद को बसाने वाले मल्ही पासी का गेट उखाड़ दिया गया था, जिसे लगवाने के लिए उन्हें और मलिहाबाद विधायक को 5 दिन तक तपती धूप में धरने पर बैठना पड़ा. 19 मई की रैली इसलिए घोषित की गई थी क्योंकि गेट का विरोध करने वालों ने बिना परमिशन प्रदर्शन किया, होर्डिंग पर ईंट-पत्थर चलाए और उन्हें व उनकी विधायक पत्नी को अशब्द बोला गया.
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डीकेपी
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