भाजपा सांसद का कांग्रेस पर निशाना, बोले- विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं, सिर्फ सुर्खियों में बने रहने की कोशिश

Mumbai , 6 सितंबर . सांसद जगदंबिका पाल ने कांग्रेस नेता राशिद अल्वी द्वारा फिल्म ‘हनुमान अंश’ पर की गई टिप्पणी, Maharashtra में एसआईआर पर राहुल गांधी के आरोपों और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के प्रस्तावित नए निकाहनामे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा.

Mumbai में जगदंबिका पाल ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है. जब महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन की बात आती है या जब अच्छे प्रशासन के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण बिल लाया गया था तो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद को चलने नहीं दिया. विपक्ष ने बिल का विरोध किया और उसके खिलाफ वोट किया, जिससे पूरा मानसून सत्र बेकार चला गया. Lok Sabha स्पीकर ओम बिरला ने सदन को चलाने की कई कोशिशें कीं और राहुल गांधी और अखिलेश यादव को बोलने का अवसर भी दिया, लेकिन विपक्ष ने सदन नहीं चलने दिया.”

उन्होंने एसआईआर को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “एसआईआर एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. चुनाव आयोग हर साल मतदाताओं की सूची का रिवीजन करता है. अगर किसी की मृत्यु हो गई है तो उसका नाम हटाना होता है. अगर किसी का नाम दूसरी जगह ट्रांसफर हो गया है तो उसे हटाना होता है. विपक्ष इस पर भी सवाल उठा रहा है. विपक्ष के सवाल जनता के मुद्दों से नहीं जुड़ते, इसलिए जनता उन्हें नकार चुकी है. वे सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए कभी पीएम हाउस के सामने, कभी थाने पर तो कभी पार्लियामेंट स्ट्रीट पर धरना देते हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस तरह से जेन-जी उनके साथ नहीं जुड़ेगा.”

Prime Minister के शिक्षक दिवस कार्यक्रम का जिक्र करते हुए जगदंबिका पाल ने कहा, “पीएम मोदी ने छात्रों से उनके भविष्य को लेकर बात की कि वे किस तरह जॉब देने वाले बनें और नई एजुकेशन पॉलिसी कैसे मदद करेगी. इस पर राहुल गांधी की कुंठा दिखती है और वे देश के लोगों को गुमराह करना चाहते हैं.”

वक्फ कानून पर उन्होंने कहा, “वक्फ को लेकर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी बनी थी, जिसमें सभी दलों के नेता थे. सभी दलों से चर्चा के बाद ही कानून पास हुआ है. आज देश का अल्पसंख्यक भी कह रहा है कि इस कानून से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा होगी और इसके लिए वे पीएम मोदी को धन्यवाद दे रहे हैं.”

उन्होंने राशिद अल्वी की टिप्पणी पर कहा, “कांग्रेस को न तो इतिहास की जानकारी है और न ही India की संस्कृति की समझ है. जिस तरह वे नीम करौली बाबा जैसे महान संत और आध्यात्मिक व्यक्ति का Politicalरण कर रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. Lucknow और देशभर से लोग उनकी पूजा करते हैं. कांग्रेस सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और उसके अंदर सनातन को लेकर कोई आस्था नहीं है. किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए, अगर करोड़ों लोगों की भावना सनातन और हिंदू धर्म में है तो उसका सम्मान होना चाहिए.”

एससीएच/डीकेपी