
Mumbai , 1 नवंबर . भारतीय जनता पार्टी के विधायक राम कदम ने दिल्ली में विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि एक तरफ देश दुनिया में सबसे आगे बढ़ रहा है और अमेरिका-लंदन जैसे देश India की ओर देख रहे हैं. वहीं राहुल गांधी देश को बदनाम कर रहे हैं. विपक्ष की रैली को कौरवों और अधर्म की रैली करार देते हुए उन्होंने कहा कि कौरव सौ थे, पांडव पांच, जीत धर्म की हुई. ये बिना सबूत की महामूर्खों की रैली है, जहां भीड़ पैसे देकर लाई जाती है.
भाजपा विधायक राम कदम ने कहा, “कैसी विडंबना है. एक ओर देश दुनिया में सबसे आगे बढ़ रहा है. अमेरिका हो, लंदन हो, ये सारे देश India की ओर देखकर सीख ले रहे हैं और दूसरी ओर इसी India में रहने वाले, इसी India में इज्जत, शोहरत और सब कुछ पाने वाले राहुल गांधी और विपक्ष के उनके साथी, तुम भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करो, हमारी Government को बदनाम करो, लेकिन देश को क्यों बदनाम करने निकले हो?”
उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी को विश्व के 35 बड़े देशों ने पुरस्कृत किया है. यह केवल पीएम मोदी का सम्मान नहीं था, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान था. एक तरफ हमारा देश अमेरिका जैसी शक्तिशाली अर्थव्यवस्था को टक्कर देने की बात कर रहा है, दूसरी ओर राहुल गांधी देश को बदनाम कर रहे हैं.
भाजपा विधायक ने कहा कि अरे, आपके आंदोलनों में भीड़ पैसे देकर लाई जाती है. इसके वीडियो पहले तुम्हारे ही कार्यकर्ताओं ने दिखाए हैं. उन्होंने कहा कि द्वापर में कौरव संख्या में सौ थे और पांडव केवल पांच थे, तो जीत पांडवों की हुई थी. इसलिए यह रैली जो है, कौरवों की रैली है, अधर्म के साथ की रैली है. जीत तो धर्म की ही होगी. वीर सावरकर का एक अजर-अमर वाक्य रहा कि वह दिन दूर नहीं, जब कांग्रेसी नेता वोट पाने के लिए अपने कोट पर जनेऊ धारण करेंगे. इन्हें हिंदू धर्म की याद तभी आती है जब चुनाव समीप आते हैं और चुनाव बीत जाने के बाद ये घोर हिंदू विरोधी हो जाते हैं.
भाजपा विधायक रामकदम ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर पर सवाल उठाते हैं, राम को काल्पनिक बताते हैं. इस प्रकार की वाणी इनके मुख से आती है. हिंदुओं के नवरात्रि को इन्होंने नहीं छोड़ा, गणपति भगवान को नहीं छोड़ा, दिवाली जैसे त्योहार को भी नहीं छोड़ा. उन व्यापारियों से आपको क्या आपत्ति है, जो पूरे साल दिवाली का इंतजार करते हैं कि दिवाली में व्यापार अच्छा होगा. पूरे सालभर की कमी-खामियां उससे पूरी हो जाएंगी? उनके भी विरोध में खड़े हो जाते हैं.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आपको अधिकार है, लेकिन बिना सबूत, बिना उदाहरण, बिना प्रमाण ये कैसी मूर्खता है या तो महामूर्खों की रैली निकल रही है, जिनके पास एक भी सबूत नहीं है.
Samajwadi Party के नेता आजम खान के जेल से रिहा होते ही ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. इसे लेकर उन्होंने कहा कि वो इससे पहले अलग-अलग चुनाव लड़ चुके हैं. वे विधानसभा के सदस्य रहे, राज्यसभा में रहे, Lok Sabha में रहे. पता नहीं कितने चुनाव उन्होंने लड़े होंगे. उनको समझना चाहिए कि संविधान के तहत जो कानून है, वह किसी की जाति, धर्म, व्यवस्था, ऊंच-नीच, नेता या Actor नहीं देखता. कानून केवल सबूत देखता है और उन्हीं सबूतों के आधार पर न्याय होता है.
उन्होंने कहा कि ठीक है, आपका कानून पर विश्वास नहीं होगा. शायद इसलिए भी नहीं होगा क्योंकि जिस प्रकार के गंदे और घिनौने कर्म आपके हाथों से हुए हैं, आप कानून पर कैसे विश्वास रखेंगे? आपकी Government में डकैती, लोगों को लूटना, लोगों को धमकाना, सब कुछ धड़ल्ले से चल रहा था. अब भाजपा का योगी राज आ गया है. सारे गुंडे या तो ऊपर चले गए या भगवान को प्यारे हो गए, और जो बचे-खुचे कारावास में हैं, उनमें से ये एक हैं.
भाजपा विधायक ने कहा कि यदि सहानुभूति लेने के लिए वे धर्म की आड़ ले रहे हैं तो एक बात बताइए. क्या आपका कोई विशेष धर्म है, इसलिए आप जघन्य अपराध करेंगे और आपको छोड़ दिया जाएगा? आपकी आरती उतारी जाएगी? नहीं, ऐसा नहीं होगा. जो दुष्कर्म किए हैं, जो दुष्पाप किए हैं, उसकी सजा हर व्यक्ति को मिलेगी. आजम खान न्याय से ऊपर नहीं हैं.
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