
गुवाहाटी, 29 अक्टूबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Thursday को कहा कि भाजपा ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और मतपत्र, दोनों तरह के चुनावों में अपनी चुनावी ताकत साबित की है. उन्होंने मतदान प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और जताई गई शंकाओं को खारिज कर दिया.
पत्रकारों से बात करते हुए सीएम सरमा ने ईवीएम के जरिए हुए नागांव Lok Sabha चुनाव में भाजपा की जीत का जिक्र किया. उन्होंने इसकी तुलना सिलचर नगरपालिका चुनावों से की, जहां हाल ही में बैलेट पेपर से चुनाव हुए थे और उसमें भी उनकी पार्टी की जीत हुई.
Chief Minister ने कहा कि दोनों तरह की मतदान प्रणालियों से आए नतीजों से पता चलता है कि जनता का समर्थन भाजपा के साथ है, चाहे वोटिंग का तरीका कोई भी हो.
सरमा ने कहा, “चाहे बैलेट पेपर हो या ईवीएम, भाजपा जीत रही है. पूरा नागांव चुनाव ईवीएम के जरिए हुआ था, और वहां भाजपा जीती. दो दिन पहले सिलचर में बैलेट पेपर से चुनाव हुए, और वहां भी हम जीते.”
उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि नागांव में होने वाले आगामी नगरपालिका चुनावों में भी भाजपा अच्छा प्रदर्शन करेगी. उन्होंने बताया कि ये चुनाव बैलेट पेपर के ज़रिए कराए जाएंगे.
उन्होंने आगे कहा, “अगले महीने नागांव में नगरपालिका चुनाव होने हैं, और ये चुनाव भी बैलेट पेपर से ही कराए जाएंगे. वहां भी हम जीतेंगे. हम बैलेट पेपर और ईवीएम, दोनों ही तरीकों से जीत रहे हैं.”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए, सरमा ने देश भर में हाल ही में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों का जिक्र किया और दावा किया कि विपक्षी पार्टी सिर्फ एक सीट ही जीत पाई.
उन्होंने बताया कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे. उन्होंने तर्क दिया कि इन नतीजों ने ईवीएम-आधारित चुनावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वालों के सामने भाजपा की स्थिति को और मजबूत किया है.
Chief Minister ने कहा, “देश भर में एमएलसी चुनाव हुए, और कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीत पाई. इस बार, सभी चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे.”
सरमा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर Political बहस चल रही है. कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल लगातार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं.
भाजपा ने हमेशा ईवीएम के इस्तेमाल का बचाव किया है और कहा है कि इन मशीनों से होने वाले चुनाव पारदर्शी और भरोसेमंद होते हैं. असम में होने वाले आगामी नगरपालिका चुनाव, राज्य में सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दलों की Political ताकत की एक और परीक्षा साबित हो सकते हैं.
–
एससीएच
Skip to content