भाजपा ने राजस्थान नगर निगम चुनाव में शानदार प्रदर्शन का श्रेय ‘भजनलाल मॉडल’ को दिया

jaipur, 22 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने Tuesday को Rajasthan के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अपने शानदार प्रदर्शन का श्रेय ‘भजनलाल मॉडल’ को दिया है.

भाजपा नेताओं के अनुसार, Chief Minister भजनलाल शर्मा उम्मीदवारों के सर्वे और टिकट बंटवारे से लेकर चुनाव प्रचार तक हर चरण में सक्रिय रूप से शामिल रहे. साथ ही, पार्टी ने Rajasthan के निकाय चुनावों में पहली बार रोड-शो वाले प्रचार मॉडल को अपनाया. भाजपा ने कई मंडलों, खासकर जोधपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर और उदयपुर में अपने प्रदर्शन को अहम बताया है.

ताजा नतीजों के मुताबिक, Rajasthan के शहरी स्थानीय निकायों में शीर्ष पदों के लिए हुए चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिन 301 निकायों के नतीजे घोषित हुए, उनमें से 197 में भाजपा ने बोर्ड बनाए, जबकि कांग्रेस ने 94 में बोर्ड बनाए. बाकी स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. भाजपा ने जोधपुर संभाग में अपने प्रदर्शन को चुनाव की मुख्य उपलब्धियों में से एक बताया है.

पार्टी के आकलन के अनुसार, इस संभाग में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 41 में से 35 शहरी स्थानीय निकायों पर कब्जा किया है, जबकि कांग्रेस ने पांच निकायों में बोर्ड बनाए हैं. भाजपा ने इसे 87 प्रतिशत सफलता दर बताया है. यह नतीजा इसलिए भी अहम है क्योंकि जोधपुर पारंपरिक रूप से पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत का गढ़ माना जाता है.

भाजपा ने इस संभाग में अपने प्रदर्शन का श्रेय बूथ-स्तर की तैयारी, संगठनात्मक तालमेल और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने को दिया है. पाली नगर निगम में, पार्षद चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. उसे 29 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा को 21 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 15 सीटें मिलीं. हालांकि, भाजपा उम्मीदवार नमिता बुबाकिया ने पार्टी के पार्षदों की संख्या से बाहर के समर्थन से मेयर का चुनाव जीता.

जोधपुर नगर निगम में मेयर का चुनाव 25 सितंबर को होना है. भरतपुर में भी चुनाव के नतीजों ने एक अनोखा Political समीकरण दिखाया. भरतपुर नगर निगम में, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 65 में से 36 वार्ड जीते और अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि भाजपा ने 20 और कांग्रेस ने सात सीटें जीतीं. निर्दलीय पार्षदों की तुलना में कम पार्षद होने के बावजूद, भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर चुनी गईं.

भाजपा ने भरतपुर संभाग में भी अपने प्रदर्शन को उजागर किया है, जिसमें Chief Minister भजन लाल शर्मा का गृह जिला भी शामिल है. पार्टी के संभाग-वार आकलन के अनुसार, भाजपा ने 32 शहरी स्थानीय निकायों में से 24 में बोर्ड बनाए, जबकि कांग्रेस ने सात में जीत हासिल की. अजमेर संभाग में, भाजपा ने 52 निकायों में से 36 में सफलता का दावा किया है, जिससे उसकी सफलता दर लगभग 69 प्रतिशत हो गई है.

अजमेर नगर निगम का मुकाबला भी काफी चर्चा में रहा. हालांकि पार्षद चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बीजेपी की अनामिका शर्मा निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन से मेयर चुनी गईं. भाजपा ने बीकानेर और उदयपुर संभाग में भी अपने प्रदर्शन को उजागर किया है. पार्टी के आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर संभाग में भाजपा ने 37 निकायों में से 24 में बोर्ड बनाए, जबकि कांग्रेस ने 10 में बोर्ड बनाए.

उदयपुर संभाग में, भाजपा ने 28 निकायों में से 18 में बोर्ड बनाए, जबकि कांग्रेस ने नौ में जीत हासिल की. हालांकि, नगर निगम स्तर पर कांग्रेस ने बीकानेर पर अपना कब्जा बनाए रखा. मेयर चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अनिल कल्ला ने भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 50-30 से हराया. उदयपुर में, भाजपा के पारस सिंघवी ने कांग्रेस उम्मीदवार पूनम कंवर को 55-25 वोटों से हराया.

भाजपा ने कोटा और jaipur दोनों संभाग में कांग्रेस पर बढ़त बनाने की बात कही है. कोटा संभाग में, पार्टी का कहना है कि उसने 28 में से 15 निकायों में बोर्ड बनाए, जबकि कांग्रेस ने 10 में बोर्ड बनाए. कोटा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और सुकेत म्युनिसिपैलिटी के चुनाव 25 सितंबर को होने हैं. jaipur संभाग में, पार्टी के आकलन के अनुसार, भाजपा ने 91 में से 48 निकायों में बोर्ड बनाए, जबकि कांग्रेस ने 40 में बोर्ड बनाए.

jaipur म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर पद का चुनाव भी 25 सितंबर को होना है, जिसमें भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर आमने-सामने होंगे. भाजपा ने अपने अच्छे प्रदर्शन का श्रेय स्थानीय मुद्दों पर आधारित प्रचार और संगठनात्मक प्रबंधन को दिया है. भाजपा ने कहा कि Chief Minister शर्मा चुनाव प्रक्रिया के दौरान शुरू से आखिर तक शामिल रहे.

भाजपा ने अपनी रणनीति के मुख्य तत्वों के तौर पर बड़े शहरों में प्रचार में Chief Minister की सीधी भागीदारी और Government व पार्टी संगठन के बीच तालमेल का भी जिक्र किया. भाजपा नेताओं ने इन नतीजों को भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा Government के विकास और शासन के एजेंडे पर जनता की मुहर बताया है.

राज्य भाजपा अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि नतीजे Prime Minister Narendra Modi के विजन और राज्य Government के कामों के लिए जनता के समर्थन को दिखाते हैं.

हालांकि भाजपा नागरिक निकायों के प्रमुखों के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन नतीजे निर्दलीय उम्मीदवारों और छोटी पार्टियों की अहमियत को भी उजागर करते हैं.

पार्षद चुनावों में, भाजपा ने घोषित 10,235 वार्डों में से 4,179 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने 3,613 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्डों में जीत दर्ज की.

पूरे राज्य में भाजपा का वोट शेयर 35.18 प्रतिशत रहा, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 34.24 प्रतिशत था; दोनों के बीच 0.94 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा. पाली, अजमेर, अलवर और भरतपुर समेत कई नगर निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने निर्णायक भूमिका निभाई है. उनके समर्थन ने कई जगहों पर बोर्ड के गठन और मेयर पद के चुनावों के नतीजों को प्रभावित किया है.

jaipur, जोधपुर और कोटा में मेयर पद के चुनावों सहित बाकी बड़े पदों के लिए चुनाव 25 सितंबर को होने हैं, जिसका मतलब है कि Rajasthan के शहरी स्थानीय निकायों की अंतिम Political तस्वीर अभी बन रही है.

डीकेपी