
New Delhi, 13 सितंबर . ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा और आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को लेकर बनी आम सहमति को भाजपा नेताओं ने ऐतिहासिक सफलता और Prime Minister Narendra Modi की कूटनीति की बड़ी जीत बताया है.
Patna में BJP MP रविशंकर प्रसाद ने कहा, “यह ब्रिक्स समिट के लिए एक ऐतिहासिक सफलता है. मैं Prime Minister Narendra Modi को बधाई देता हूं. India की अध्यक्षता में चीन, रूस, ईरान, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देश एक वैकल्पिक और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक साथ आए हैं. President पुतिन ने भी एक महत्वपूर्ण बात कही कि ब्रिक्स देशों की जीडीपी अब यूरोप और अमेरिका से अधिक है. पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है.”
BJP MP जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि India में ब्रिक्स समिट सफलतापूर्वक आयोजित हुआ और इसने दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया. उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi ने समिट में आम सहमति बनाई, खासकर विकास और दुनिया में चल रहे युद्धों को खत्म करने पर.”
दिल्ली घोषणापत्र पर बात करते हुए सिग्रीवाल ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर बनी सहमति Pakistan जैसे देशों के लिए बड़ा झटका है. उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi ने यह मुद्दा उठाया और ब्रिक्स समिट में शामिल हुए राष्ट्राध्यक्षों ने भी इसका समर्थन किया. यह आतंकवाद के लिए एक बड़ा झटका है और उन लोगों के लिए भी जो आतंकवादियों का समर्थन करते हैं, खासकर Pakistan के लिए. दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश भेजा गया है. Prime Minister ने दुनिया को आतंकवाद से मुक्त बनाने के लिए लगातार पहल की है.”
दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्या ने कहा, “Prime Minister मोदी ने विश्व मंच पर लगातार यह संदेश दिया है कि आतंकवाद मानवता के खिलाफ है और सभी को इसके खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए. वह पिछले 10 वर्षों से लगातार यह संदेश दे रहे हैं. और मुझे लगता है कि ब्रिक्स समिट में सभी भाग लेने वाले देशों द्वारा आतंकवाद का विरोध, जिसमें पहलगाम हमले जैसी आतंकवादी घटनाएं भी शामिल हैं. India और Narendra Modi की पहल के माध्यम से वैश्विक स्तर पर एक बड़ी जीत है. यह India के लिए गर्व की बात है.”
वहीं, Mumbai में शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंडे ने भी ब्रिक्स देशों के रुख का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “ब्रिक्स समिट में शामिल हुए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई है और पहलगाम हमले की निंदा की है. यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है. इसका मतलब है कि इनमें से कोई भी देश किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन नहीं करता है. अगर किसी एक देश पर संकट आता है, तो दूसरे देश उसका समर्थन करेंगे और उसके साथ खड़े रहेंगे.”
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पीआईएम/पीएम
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